पिड़ावा | ग्रामीण क्षेत्रों में विधिक साक्षरता बढ़ाने और आमजन को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करने के उद्देश्य से ताल्लुका विधिक सेवा समिति, पिड़ावा द्वारा एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। समिति की अध्यक्ष (सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट) अमितेश कुमारी ने मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर न्यायक्षेत्र के विभिन्न गांवों के लिए रवाना किया।
इन गांवों में पहुंचा जागरूकता का संदेश
प्रचार वैन पिड़ावा शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों जैसे कोटड़ी, हनोतिया और रूपखेड़ी पहुंची। इस अभियान के दौरान करीब 150 से अधिक ग्रामीणों को कानून की बारीकियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से रूबरू कराया गया।
इन प्रमुख विषयों पर दी गई विस्तृत जानकारी
शिविरों के दौरान विधिक विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं की जानकारी दी:
-
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006: बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानूनी सजा।
-
शिक्षा का अधिकार: हर बच्चे के लिए अनिवार्य शिक्षा की महत्ता।
-
नालसा योजनाएं: नालसा जागृति एवं संवाद योजना के तहत आमजन को मिलने वाले लाभ।
-
लोक अदालत: राष्ट्रीय लोक अदालत, स्थायी लोक अदालत और मध्यस्थता के जरिए मुकदमों का त्वरित निपटारा।
-
पीड़ित प्रतिकर स्कीम: अपराध से पीड़ित व्यक्तियों के लिए मुआवजे के प्रावधान।






