पिड़ावा। नगर के नयापुरा स्थित भावसार चारभुजा नाथ मंदिर एवं भावसार धर्मशाला में हिंगलाज जयंती के पावन अवसर पर भावसार समाज द्वारा विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कुलदेवी मां हिंगलाज के प्रति अटूट आस्था प्रकट करने के लिए समाज के युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
आज शाम फाग महोत्सव की धूम
समाज के कोषाध्यक्ष पिंकेश भावसार ने बताया कि हिंगलाज जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रमों की शुरुआत आज 16 मार्च की संध्या से होगी। शाम को भावसार धर्मशाला परिसर में फाग महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भगवान के भजनों और फाग गीतों की मधुर लहरियों के बीच समाजजन एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की बधाई देंगे। फूलों और रंगों की होली के साथ समाज की एकता का संदेश दिया जाएगा।
कल निकलेगा मां हिंगलाज का आकर्षक जुलूस
जयंती के मुख्य दिन यानी 17 मार्च को नगर में भव्यता के साथ मां हिंगलाज का आकर्षक जुलूस (शोभायात्रा) निकाला जाएगा। यह जुलूस नयापुरा स्थित मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरेगा। जुलूस में समाज की महिलाएं और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगे। जगह-जगह मां हिंगलाज की आरती उतारी जाएगी और पुष्प वर्षा से स्वागत किया जाएगा।
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प्रतिभाओं का सम्मान और सामूहिक भोज
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ समाज ने अपनी नई पीढ़ी को प्रोत्साहित करने का भी निर्णय लिया है। कार्यक्रम के दौरान उन बच्चों और युवाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने पिछले वर्ष समाज की सेवा या अन्य उल्लेखनीय कार्यों में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
संध्या के समय मां हिंगलाज की भव्य महाआरती उतारी जाएगी, जिसमें पूरा नयापुरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठेगा। महाआरती के पश्चात समाज का सामूहिक भोज (वात्सल्य भोज) आयोजित किया गया है, जहाँ सभी समाजजन एक साथ बैठकर प्रसादी ग्रहण करेंगे।
तैयारियों में जुटा समाज का नेतृत्व
इस द्वि-दिवसीय आयोजन को सफल बनाने के लिए भावसार समाज के अध्यक्ष तेजप्रकाश भावसार, उपाध्यक्ष रजनीश भावसार, पवन भावसार सहित कार्यकारिणी के समस्त सदस्य और युवा वर्ग दिन-रात तैयारियों में लगा हुआ है। मंदिर और धर्मशाला को विशेष विद्युत सज्जा और फूलों से सजाया जा रहा है।
📱 Pirawa Times विशेष: सामाजिक एकता का प्रतीक
- संस्कारों का संरक्षण: अपनी कुलदेवी की जयंती को इस तरह भव्य रूप में मनाना भावी पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।
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प्रतिभा प्रोत्साहन: धार्मिक मंचों से समाज के मेधावी बच्चों का सम्मान करना एक सराहनीय पहल है, जिससे युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना जाग्रत होती है।
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पिड़ावा की गंगा-जमुनी तहजीब: नगर के विभिन्न क्षेत्रों से निकलने वाला जुलूस यहाँ की आपसी भाईचारे की मिसाल को और मजबूत करता है।






