Home पिड़ावा समाचार पिड़ावा रोडवेज सेवा के नाम पर ‘ठेंगा’! नागरिक मंच ने SDM को...

पिड़ावा रोडवेज सेवा के नाम पर ‘ठेंगा’! नागरिक मंच ने SDM को सौपा ज्ञापन

0
258
पिड़ावा रोडवेज सेवा के नाम पर 'ठेंगा
पिड़ावा रोडवेज सेवा के नाम पर 'ठेंगा'! नागरिक मंच ने SDM को सौपा ज्ञापन
पिड़ावा । ​राजस्थान के झालावाड़ जिले का महत्वपूर्ण उपखंड केंद्र पिड़ावा आज परिवहन सेवाओं की उपेक्षा का दंश झेल रहा है। क्षेत्र में रोडवेज बसों के अपर्याप्त संचालन और यात्रियों को होने वाली भारी असुविधाओं को लेकर ‘नागरिक मंच, पिड़ावा’ ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। बुधवार को नागरिक मंच के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी (SDM) दिनेश कुमार मीणा को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) द्वारा संचालित बस सेवाओं के तत्काल विस्तार और नए रूट शुरू करने की पुरजोर मांग की गई है।

अस्तित्व खोते पुराने रूट और यात्रियों की बेबसी:
ज्ञापन में इस बात पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया गया कि पिड़ावा उपखंड में वर्तमान में रोडवेज बसों की संख्या नगण्य है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पिड़ावा-भवानीमंडी जैसे व्यस्त मार्ग पर वर्तमान में एक भी रोडवेज बस का संचालन नहीं हो रहा है, जबकि पूर्व में इस मार्ग पर नियमित बसें चलती थीं। नागरिक मंच ने बताया कि बसों के अभाव में आमजन को निजी बस संचालकों की मनमानी और ऊंचे किराए का शिकार होना पड़ रहा है।
इन प्रमुख मार्गों पर बसें चलाने की मांग:
नागरिक मंच ने ज्ञापन के माध्यम से उन रूटों की लंबी सूची सौंपी है जो फिलहाल रोडवेज सेवा से वंचित हैं या जहाँ संचालन बहुत सीमित है:
  • ​भवानीमंडी-पिड़ावा-उज्जैन-इन्दौर
  • ​पिड़ावा-खातेगांव, पिड़ावा-डग, पिड़ावा-आगर
  • ​पिड़ावा-झालरापाटन, पिड़ावा-सुनेल-रामगंजमंडी
  • ​पिड़ावा-चेचट-कोटा, पिड़ावा-कालवाड़, पिड़ावा-रायपुर
  • ​पिड़ावा-मंदसौर-नीमच तथा सुनेल-भवानीमंडी
यह भी पढ़े:- आवारा कुत्तो का आतंक! 12 साल के मासूम सहित 14 लोगों को नोंचकर किया घायल
25 ग्राम पंचायतों का संपर्क कटा:
पिड़ावा नगर के आसपास करीब 25 ग्राम पंचायतें सीधे तौर पर इस उपखंड से जुड़ी हैं। यहाँ से प्रतिदिन हजारों की संख्या में छात्र, व्यापारी और मरीज जिला मुख्यालय झालावाड़ एवं अन्य शहरों के लिए आवागमन करते हैं। वर्तमान में सुबह के समय केवल एक बस (पिड़ावा-अजमेर) संचालित होने से यात्रियों के पास कोई विकल्प नहीं बचता। स्थिति इतनी विकट है कि शाम 5 बजे के बाद जिला मुख्यालय झालावाड़ से पिड़ावा आने के लिए कोई रोडवेज बस उपलब्ध नहीं है।
उपस्थिति: ज्ञापन सौंपने के दौरान नागरिक मंच के संरक्षक जगदीश टेलर, रिटायर्ड अध्यापक राजेन्द्र जैन, अध्यक्ष सौरभ जैन, संयोजक रिटायर्ड अध्यापक बाबू सिंह कमाल, महेश भावसार सहित अन्य प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
Pirawa Times विशेष: विकास के दावों के बीच ‘परिवहन का सूखा’
  • खोखले दावे: एक तरफ सरकार रोडवेज के आधुनिकिकरण की बात करती है, दूसरी तरफ पिड़ावा जैसे बड़े उपखंड से भवानीमंडी और इंदौर जैसे व्यापारिक केंद्रों की बसें बंद कर दी गई हैं। यह कैसा विकास है?
  • प्राइवेट लॉबी का दबाव? क्या रोडवेज बसों का संचालन जानबूझकर कम किया गया है ताकि निजी बस ऑपरेटरों की जेबें भरी जा सकें? नागरिक मंच का यह संदेह विचारणीय है।
  • जनता की हुंकार: पिड़ावा की जनता ने हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखी हैं, लेकिन इस बार 15 दिन का अल्टीमेटम बताता है कि अब धैर्य का बांध टूट चुका है।
  • तीखा सवाल: क्या परिवहन विभाग केवल घाटे का रोना रोकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ सकता है? सार्वजनिक परिवहन लाभ के लिए नहीं, बल्कि जनता की सेवा के लिए होता है।
श्री सांवलिया इलेक्ट्रॉनिक्स
श्री सांवलिया इलेक्ट्रॉनिक्स
बस स्टैंड पिड़ावा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!