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रायपुर में गणगौर उत्सव की धूम: महिलाओं ने किया मां गणगौर का सोलह श्रृंगार

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रायपुर में गणगौर उत्सव की धूम:
महिलाओं ने किया मां गणगौर का सोलह श्रृंगार
रायपुर ( नाथू लाल टेलर) लोक संस्कृति और अखंड सौभाग्य के पर्व गणगौर का उत्साह आज रायपुर कस्बे में चरम पर रहा। चैत्र मास की तृतीया पर महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ गणगौर माता और ईसर जी की विशेष पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर कस्बे के प्रमुख कृष्ण मंदिर से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला मंडल और समस्त समाज की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

 

रायपुर में गणगौर उत्सव की धूम:
महिलाओं ने किया मां गणगौर का सोलह श्रृंगार

गणगौर माता का पूजन और श्रृंगार

​सुबह से ही रायपुर के घरों और मंदिरों में उत्सव का माहौल रहा। महिलाओं ने सुहाग की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के साथ माता गणगौर का विधि-विधान से पूजन किया। दूब, काजल, रोली और मेहंदी से माता को पूजा गया और पारंपरिक गणगौर के गीत गाए गए। नवविवाहिताओं में इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखा गया, जिन्होंने अपने पहले गणगौर पर विशेष श्रृंगार किया।

भव्य शोभायात्रा: भक्ति और उल्लास का संगम

​दोपहर बाद कृष्ण मंदिर से गणगौर माता की शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। जैसे ही माता की सवारी मंदिर से बाहर निकली, ढोल-बैंड बाजों की गूँज से समूचा मार्ग शिव-पार्वती की भक्ति में डूब गया।
  • बैंड-बाजे: शोभायात्रा में बज रहे भजनों और बैंड की धुन पर महिलाएं झूमती नजर आईं।
  • पारंपरिक वेशभूषा: राजस्थानी परिधानों और चुनरी में सजी महिलाओं ने शोभायात्रा की शोभा बढ़ा दी।
  • समाज की एकजुटता: इस दौरान महिला मंडल के साथ-साथ समस्त समाज जन की महिलाएं उपस्थित रहीं, जो सामाजिक समरसता का बड़ा उदाहरण बना।
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जगह-जगह हुआ स्वागत

​शोभायात्रा कस्बे के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहाँ ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर गणगौर माता की सवारी का स्वागत किया। माता के रथ के आगे महिलाएं नृत्य करते हुए चल रही थीं। श्रद्धालुओं ने माता से क्षेत्र की खुशहाली और अच्छी वर्षा की कामना की।

📱 Pirawa Times विशेष: लोक संस्कृति की धरोहर

  • विरासत का संरक्षण: गणगौर केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान है। रायपुर की महिलाओं ने इस परंपरा को जिस उत्साह से निभाया है, वह सराहनीय है।
  • भक्ति और शक्ति: कृष्ण मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा दर्शाती है कि समाज में धर्म और आस्था की जड़ें कितनी गहरी हैं।
  • एकजुटता: सभी समाज की महिलाओं का एक साथ आना एकता का संदेश देता है।

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