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सारंगा खेड़ा में शिक्षा की मशाल जलाने वाले स्वयंसेवकों का सम्मान: प्रथम संस्था ने वितरित किए प्रमाण-पत्र

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सारंगा खेड़ा में शिक्षा की मशाल जलाने वाले स्वयंसेवकों का सम्मान
प्रथम संस्था ने वितरित किए प्रमाण-पत्र
पिड़ावा। ग्राम पंचायत रामायदलपत के अंतर्गत आने वाले ग्राम सारंगा खेड़ा में शनिवार को शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिला। यहाँ AKO के वित्तीय सहयोग से प्रथम संस्था द्वारा ‘स्वयंसेवक प्रमाण-पत्र वितरण’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं और ग्रामीणों को सम्मानित करना था, जो नि:स्वार्थ भाव से गांव में शिक्षा के स्तर को सुधारने में अपना योगदान दे रहे हैं।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय विद्यालय स्टाफ, वार्ड पंच, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के सदस्य और उप-स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ ने शिरकत की। प्रथम संस्था की ओर से सतीश शर्मा, राजेश सोनी, राहुल कुमार मेहर और रीना दांगी उपस्थित रहे। साथ ही, कक्षा 1 व 2 की माताओं और आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ी माताओं ने भी इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लेकर सामुदायिक सहभागिता की मिसाल पेश की।

रचनात्मक गतिविधियों ने मोह लिया सबका मन

​समारोह के दौरान बच्चों और अभिभावकों के बीच विभिन्न रचनात्मक और खेल गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं:
  • कहानी वाचन: माताओं ने बच्चों को प्रेरणादायक और नैतिक कहानियाँ सुनाईं, जिससे बच्चों में सुनने और समझने की कला का विकास हो।
  • रोल प्ले: चिल्ड्रन क्लब के छोटे बच्चों ने अपनी अदाकारी के माध्यम से बेहतरीन ‘रोल प्ले’ किया और समाज को जागरूक करने वाले महत्वपूर्ण संदेश दिए।
  • चित्रकला: माताओं और बच्चों ने मिलकर पेंटिंग बनाई, जिसमें उनकी कलात्मकता और आपसी जुड़ाव स्पष्ट रूप से उभर कर सामने आया।

स्वयंसेवकों का सम्मान और आभार

​कार्यक्रम के अंतिम चरण में उन स्वयंसेवकों को अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया, जो गांव के बच्चों के भविष्य को संवारने में निरंतर सहयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रथम संस्था के इन प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों से न केवल स्वयंसेवकों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि पूरे समुदाय में शिक्षा के प्रति सकारात्मक चेतना जाग्रत होती है।

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