पिड़ावा। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होली का पर्व पिड़ावा क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नगर से लेकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक धुलेंडी के अवसर पर रंगों की ऐसी बौछार हुई कि हर कोई सतरंगी रंगों में सराबोर नजर आया। इस वर्ष के उत्सव की खास बात यह रही कि समाज का हर वर्ग, चाहे वह बच्चे हों, बुजुर्ग हों या युवा, सभी ने पूरी ऊर्जा के साथ इस पर्व का आनंद लिया।
शहर में कई स्थानों पर होलिका दहन
पर्व की शुरुआत होलिका दहन के साथ हुई। पिड़ावा में लगभग एक दर्जन से अधिक प्रमुख स्थानों पर विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ होलिका का दहन किया गया। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में भी जगह-जगह होलिका प्रज्ज्वलित की गई, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।

धुलेंडी पर ‘कपड़ा फाड़’ होली का आकर्षण
पिड़ावा में धुलेंडी (धुलहंडी) का नजारा बेहद खास रहा। नगर के मुख्य मार्गों पर युवाओं की टोलियों द्वारा परंपरागत ‘कपड़ा फाड़’ होली खेली गई, जो स्थानीय लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। युवाओं ने नाचते-गाते और एक-दूसरे को रंगों से सराबोर करते हुए इस अनूठी परंपरा को निभाया। नगर के मुख्य चौराहों और गलियों में ‘होली है’ के गूंजते नारों ने वातावरण को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया।

नारी शक्ति का दिखा उत्साह: युवतियों ने भी खेली जमकर होली
इस वर्ष के होली आयोजन में महिलाओं और युवतियों की भागीदारी भी विशेष चर्चा का विषय रही। नगर में केवल युवाओं की ही नहीं, बल्कि युवतियों की भी अलग-अलग टोलियां नजर आईं, जिन्होंने बड़ी धूमधाम के साथ एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली मनाई। युवतियों के इस बढ़ते उत्साह ने होली के पारंपरिक उल्लास में आधुनिकता और नई ऊर्जा का रंग भर दिया।
ग्रामीण अंचलों में भी दिखा फागुन का खुमार
पिड़ावा तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में भी होली की धूम रही। ढोल और चंग की थाप पर फाग गीत गाते हुए ग्रामीण टोलियों ने घर-घर जाकर रंग खेला। कोई भी वर्ग खुद को होली के इन रंगों से दूर नहीं रख पाया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरा त्यौहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
📱 पिड़ावा टाइम्स विशेष: भाईचारे का संदेश
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रंगों का संगम: इस बार की होली ने न केवल रंगों का आदान-प्रदान किया, बल्कि आपसी गिले-शिकवे भुलाकर भाईचारे का संदेश भी दिया।
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सांस्कृतिक धरोहर: पिड़ावा की परंपरागत होली हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है, जिसे इस वर्ष युवाओं ने बड़े गर्व के साथ संजोया।






