पिड़ावा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. साजिद खान ने पिड़ावा उप जिला अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
डॉक्टरों के लिए अलग चेंबर और धर्मशाला का सदुपयोग
अस्पताल में जगह की कमी को देखते हुए सीएमएचओ ने एक बड़ा निर्णय लिया है:
-
आयुर्वेदिक केंद्र की शिफ्टिंग: अस्पताल की धर्मशाला को अब आयुर्वेदिक चिकित्सालय के रूप में उपयोग किया जाएगा।
-
चेंबर की सुविधा: इस बदलाव से मुख्य अस्पताल भवन में कई कमरे खाली होंगे, जिससे डॉक्टरों को अलग-अलग चेंबर में बैठने की सुविधा मिलेगी।
-
नेम प्लेट और ड्यूटी चार्ट: डॉक्टरों के चेंबर के बाहर उनकी नेम प्लेट लगाई जाएगी और ड्यूटी चार्ट को नियमित रूप से मेंटेन किया जाएगा।
सोनोग्राफी का समय बढ़ेगा, बायोमेट्रिक से होगी अटेंडेंस
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डॉ. खान ने सोनोग्राफी का समय बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, स्टाफ की समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल में बायोमेट्रिक मशीन लगाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे सभी डॉक्टर और कर्मचारियों की हाजिरी ऑनलाइन होगी। इमरजेंसी वार्ड के बाहर भी ड्यूटी चार्ट लगाया जाएगा।
यह भी पड़े:-राजस्थान में पहली पहल: झालरापाटन जिला चिकित्सालय में शुरू हुआ मेनोपॉज हेल्थ क्लिनिक
व्यवहार में सुधार और दवाइयों की उपलब्धता
-
मरीजों से शिष्टाचार: डॉ. खान ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सभी कर्मचारी मरीजों और उनके परिजनों से शालीनता से व्यवहार करें। बदतमीजी या अभद्र व्यवहार सामने आने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
-
दवाइयों की पूर्ति: अस्पताल में कैल्शियम सहित अन्य जो भी दवाइयां कम पड़ रही हैं, उन्हें स्थानीय स्तर पर मार्केट से खरीदकर तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
200 बेड का है उप जिला अस्पताल
सीएमएचओ ने बताया कि यह उप जिला अस्पताल वर्तमान में 200 बेड की क्षमता वाला है। इसे जल्द से जल्द ‘उप जिला अस्पताल’ के मानकों और नाम के अनुरूप विकसित करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। नई बिल्डिंग के लिए भी प्रयास किये जा रहे है। वर्तमान में यहाँ चिकित्सकों की संख्या भी पर्याप्त है। इसके अलावा, अस्पताल की शौचालय सुविधाओं को भी और अधिक स्वच्छ और बेहतर बनाया जाएगा।
📱 पिड़ावा टाइम्स विशेष: स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार
- प्रशासनिक सख्ती: सीएमएचओ के इस औचक निरीक्षण और कड़े रुख से अस्पताल स्टाफ में हड़कंप की स्थिति रही।
-
जनहित में फैसला: धर्मशाला के उपयोग और अलग चेंबर की व्यवस्था से मरीजों को डॉक्टरों को ढूंढने में परेशानी नहीं होगी।






