
पिड़ावा। राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर आज स्थानीय सहकारी कर्मचारी संघ यूनियन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान राजस्थान कर्मचारी संघ यूनियन के जिला अध्यक्ष महेश शर्मा, ब्रांच अध्यक्ष संजय गोस्वामी, परमानंद शर्मा, पारस जैन, शिव सिंह, ओम प्रकाश पाटीदार, अंशुल जैन, महेश शर्मा, निलेश जैन, अनिल शर्मा, मोहम्मद आसिफ, रवि सावंत, कैलाश प्रजापत, अर्पित जैन सहित समस्त व्यवस्थापक, सहायक व्यवस्थापक और सेल्समैन मौजूद रहे।

प्रदेश की ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कार्मिक अपने हितों की रक्षा के लिए लामबंद हो गए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी जायज मांगों पर पिछले तीन माह से फाइलें लंबित पड़ी हैं। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि मार्च माह तक समस्याओं का सकारात्मक निराकरण नहीं हुआ, तो 27 फरवरी से जारी कार्य बहिष्कार के अगले चरण में अप्रैल माह में जयपुर में एक विशाल रैली और महापड़ाव आयोजित किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
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प्रमुख मांगें
- स्पष्ट कैडर अथॉरिटी: ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कार्मिकों के लिए अविलंब कैडर अथॉरिटी और नियोक्ता का निर्धारण कर आदेश जारी किए जाएं।
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ऋण पर्यवेक्षक पदों पर नियुक्ति: केंद्रीय सहकारी बैंकों में रिक्त पदों पर व्यवस्थापकों को प्राथमिकता देते हुए शत-प्रतिशत नियुक्ति दी जाए और आयु सीमा की बाध्यता खत्म हो।
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नियमितीकरण प्रक्रिया: 2022 में शुरू हुई नियमितीकरण की प्रक्रिया को पुनः शुरू किया जाए ताकि शेष रहे जिलों के कार्मिकों को भी लाभ मिल सके।
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20% कोटे की भर्ती: जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में बैंकिंग सहायक के पदों पर व्यवस्थापकों के लिए आरक्षित 20 प्रतिशत कोटे की चयन प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।
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आयु सीमा में संशोधन: समितियों में कार्यरत समस्त श्रेणी के कार्मिकों के लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष के अनुसार संशोधित की जाए।

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