Home झालावाड़ समाचार सेमलीखाम में स्वच्छता सप्ताह के तहत श्रमदान, पॉलीथिन मुक्त अभियान पर जोर

सेमलीखाम में स्वच्छता सप्ताह के तहत श्रमदान, पॉलीथिन मुक्त अभियान पर जोर

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पॉलीथिन मुक्त अभियान पर जोर
सेमलीखाम में स्वच्छता सप्ताह के तहत श्रमदान
रायपुर। ( नाथू लाल टेलर ) राजस्थान स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में मनाए जा रहे उत्सवों के बीच पिड़ावा उपखंड की ग्राम पंचायत सेमलीखाम में ‘स्वच्छता सप्ताह’ ने जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। 14 मार्च से निरंतर जारी इस अभियान के तहत न केवल गांव की गलियों को साफ किया जा रहा है, बल्कि ग्रामीणों को पर्यावरण के प्रति जागरूक कर भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार किया जा रहा है। कार्यक्रम प्रभारी शिवम पाटीदार के नेतृत्व में स्वच्छता दल ने गांव के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर श्रमदान कर एक नई मिसाल पेश की है।

पॉलीथिन मुक्त सेमलीखाम का संकल्प

​स्वच्छता सप्ताह के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए कार्यक्रम प्रभारी शिवम पाटीदार ने ग्रामीणों को पॉलीथिन और प्लास्टिक के दुष्परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने पुरजोर शब्दों में अपील की कि ग्रामीण बाजार जाते समय अपने साथ कपड़े या कागज के थैले लेकर जाएं और सिंगल यूज प्लास्टिक का पूरी तरह बहिष्कार करें। पाटीदार ने कहा, “पॉलीथिन न केवल हमारी जमीन को बंजर बना रही है, बल्कि यह पशुधन के लिए भी जानलेवा साबित हो रही है। गांव को सुंदर और स्वस्थ बनाने के लिए हमें प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाना होगा।”
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श्रमदान से चमके देवस्थान और सार्वजनिक स्थल

​स्वच्छता दल और ग्रामवासियों ने आपसी सहभागिता से गांव के प्रमुख स्थानों पर सघन सफाई अभियान चलाया। इस दौरान:
  • बालाजी मंदिर परिसर एवं पुरानी पंचायत चौराहा
  • मुख्य बाजार एवं सामुदायिक परिसर
  • बाबा रामदेव परिसर (गरवड़ा) जैसे स्थानों पर जमा कचरे के ढेरों को साफ किया गया। शिवम पाटीदार ने ग्रामीणों को सुझाव दिया कि यदि गांव में कहीं भी गंदगी दिखती है, तो सीधे सफाई कर्मी या ग्राम पंचायत को सूचित करें। उन्होंने बताया कि सप्ताह में एक-दो बार आने वाले कचरा वाहन का अधिकतम उपयोग करें और कचरा गलियों में फेंकने के बजाय वाहन में ही डालें।

तपते मौसम में पक्षियों का सहारा: शुरू हुआ परिंडा अभियान

​स्वच्छता के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए शिवम पाटीदार ने भीषण गर्मी के दस्तक देते ही ‘परिंडा अभियान’ का भी आगाज किया है। उन्होंने सेवा केंद्र पर स्वयं दो परिंडे बांधकर उनमें नियमित पानी भरने की जिम्मेदारी ली। पाटीदार ने घोषणा की कि आगामी दिनों में हर वर्ष की भांति गांव के हर सार्वजनिक स्थान और पेड़ों पर परिंडे लगाए जाएंगे, ताकि चिलचिलाती धूप में बेजुबान पक्षियों को पानी के लिए न भटकना पड़े। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने घरों के बाहर कम से कम एक परिंडा अवश्य लगाएं।

ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी

​इस सराहनीय पहल में पंचायत प्रशासन और ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। अभियान के दौरान ओम प्रकाश पाटीदार, करण सिंह गुर्जर, भेरू लाल भील, लखन सिंह राजपूत, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यशोदा पाटीदार, उपसरपंच बीरम, और मेट रवि वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में गांव को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने का संकल्प दोहराया।

📱 Pirawa Times विशेष: युवा नेतृत्व और सामाजिक सरोकार

  • जिम्मेदार नागरिकता: शिवम पाटीदार जैसे युवाओं का आगे बढ़कर स्वच्छता और पक्षी सेवा जैसे कार्यों का नेतृत्व करना यह दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव की लहर आ चुकी है।
  • कचरा प्रबंधन की चुनौती: गांव में सप्ताह में केवल एक-दो बार कचरा वाहन आना अपर्याप्त है। ‘Pirawa Times’ प्रशासन से मांग करता है कि स्वच्छता सप्ताह की इस ऊर्जा को बनाए रखने के लिए कचरा संग्रहण की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाए।
  • परिंडा अभियान एक मिसाल: तपती गर्मी में पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति ‘जीव-दया’ का जीवंत उदाहरण है, जिसे सेमलीखाम बखूबी निभा रहा है।
Raj Icecandy
Raj Ice Candy
Bus Stand Pirawa

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