पिड़ावा। खुशियों और इबादत का पर्व ईद-उल-फितर पिड़ावा शहर में पारंपरिक उत्साह, अकीदत और बेमिसाल आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। रमजान के एक महीने के रोजों के बाद आज सुबह जैसे ही मस्जिदों और ईदगाह से तकबीर की आवाजें गूँजी, पूरा शहर जष्न में डूब गया। मुख्य आयोजन स्थानीय ईदगाह में हुआ, जहाँ हजारों की संख्या में मुस्लिम समाजजनों ने कतारबद्ध होकर खुदा की बारगाह में सिर झुकाया।
शहर काजी ने पढ़वाई नमाज, मांगी मुल्क की खुशहाली
स्थानीय ईदगाह में सुबह ठीक 9 बजे शहर काजी मुफ़्ती अमीरुद्दीन ने ईद की विशेष नमाज अदा करवाई। नमाज के खुतबे में उन्होंने अमन, चैन और इंसानियत का पैगाम दिया। नमाज मुकम्मल होने के बाद मुफ़्ती साहब ने हाथ उठाकर मुल्क में अमन-अमान, आपसी भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी। हजारों हाथों ने एक साथ उठकर खुदा से तरक्की और शांति की फरियाद की।
भव्य जुलूस और जगह-जगह स्वागत
नमाज के बाद ईदगाह से एक भव्य जुलूस निकाला गया, जो शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरा। जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाजजन पारंपरिक परिधानों में शामिल हुए। जुलूस के दौरान पूरे रास्ते में गंगा-जमुनी तहजीब का नजारा दिखा, जहाँ जगह-जगह शहर काजी मुफ़्ती अमीरुद्दीन का स्वागत किया गया। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के चेहरों पर ईद की खुशी साफ झलक रही थी।

सामाजिक सौहार्द: गले मिले हिंदू-मुस्लिम भाई
पिड़ावा की ईद हमेशा से अपनी साम्प्रदायिक एकता के लिए जानी जाती है। आज भी ईदगाह के बाहर और शहर के चौराहों पर हिंदू समुदाय के प्रबुद्ध नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने मुस्लिम भाइयों का इस्तकबाल किया। दोनों समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी, जो बदलते दौर में सामाजिक सौहार्द का सबसे सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।
प्रशासनिक सतर्कता और चाक-चौबंद व्यवस्था
त्योहार की संवेदनशीलता और भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। डीएसपी और थानाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा। नगर पालिका द्वारा ईदगाह और जुलूस मार्ग पर विशेष सफाई व्यवस्था और पेयजल के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिसकी समाजजनों ने सराहना की।
रायपुर में ईद का उल्लास: हाफिज शौकत अली ने ईदगाह में पढ़वाई नमाज
रायपुर कस्बे में भी ईद का जश्न पूरे शबाब पर रहा। यहाँ समस्त मुस्लिम समाजजन मुख्य मार्गों से जुलूस के रूप में ईदगाह पहुँचे। ईदगाह में हाफिज शौकत अली द्वारा ईद-उल-फितर की नमाज अदा करवाई गई। नमाज के बाद दुनिया में शांति और भाईचारे की दुआएं मांगी गईं।

इस मौके पर तहसीलदार हरिशंकर जांगिड़, सीआई रमेश चंद मीणा सहित प्रशासनिक अमला मुस्तैद रहा। मुस्लिम समाज द्वारा प्रशासन का इस्तकबाल किया गया, वहीं लक्ष्मीकांत कानूनगो, देवनारायण पटवारी और अमित शर्मा आदि ने समाजजनों का स्वागत कर ईद की मुबारकबाद दी।
📱 Pirawa Times विशेष: दिलों को जोड़ती ईद
- अमन का पैगाम: शहर काजी मुफ़्ती अमीरुद्दीन का संबोधन न केवल धार्मिक था, बल्कि सामाजिक एकता को मजबूती देने वाला भी था।
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पिड़ावा की विरासत: जिस तरह हिंदू भाइयों ने आगे बढ़कर स्वागत किया, वह दर्शाता है कि पिड़ावा की जड़ें आपसी प्रेम में कितनी गहरी हैं।
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जुलूस की भव्यता: अनुशासित जुलूस और शांतिपूर्ण आयोजन ने नगर की गरिमा को और बढ़ाया है।

महावीर मार्ग (पट्टी बाज़ार ) पिड़ावा

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