पिड़ावा। विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में पिड़ावा के खेजड़िया मार्ग स्थित ऐतिहासिक सूरजकुंड महादेव मंदिर परिसर में जल संरक्षण को लेकर एक विशेष जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। जल संसाधन विभाग के अधिशाषी अभियंता (AEN) के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में जल की महत्ता और भविष्य में आने वाले जल संकट से निपटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में नगर के जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने शिरकत कर इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
कम जल, अधिक उपयोग: अभियंता ने साझा किए तकनीकी उपाय
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जल संसाधन विभाग के AEN (अयान साहब) ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए जल के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीके समझाते हुए बताया कि किस प्रकार हम “कम जल में अधिक उपयोग” सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने घरेलू कार्यों से लेकर कृषि तक में जल की बर्बादी रोकने के आधुनिक तरीकों के बारे में स्पष्ट किया। उनके साथ विभाग के अन्य अभियंता और कर्मचारी गण भी तकनीकी जानकारी साझा करने के लिए मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों ने दिया ‘जल ही जीवन है’ का संदेश
भाजपा के रामेश्वर पाटीदार और भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष राजू माली ने भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सूरजकुंड जैसे पवित्र स्थल से शुरू हुआ यह अभियान पूरे नगर में जल संरक्षण की अलख जगाएगा। जल बचाओ अभियान पर अपने विचार प्रकट करते हुए जल संचयन के प्रयासों में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
यह भी पढ़े:- रायपुर में गणगौर उत्सव की धूम: महिलाओं ने किया मां गणगौर का सोलह श्रृंगार
सूरजकुंड महादेव सेवा समिति की सक्रिय सहभागिता
इस कार्य में सूरजकुंड महादेव सेवा समिति के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समिति के अध्यक्ष सुनील शर्मा, नितिन सोनी, सुमित भावसार, दिनेश नाथ और राजकुमार सहित अन्य सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया और मंदिर परिसर में जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया।

बस स्टैंड पिड़ावा
📱 Pirawa Times विशेष: भविष्य की प्यास और हमारी जिम्मेदारी
- पवित्र शुरुआत: ऐतिहासिक सूरजकुंड मंदिर से जल दिवस का आगाज करना एक सराहनीय कदम है, क्योंकि भारतीय संस्कृति में जल को ‘देवता’ माना गया है।
-
तकनीकी समझ: जल संसाधन विभाग के विशेषज्ञों द्वारा आमजन को सीधी जानकारी देना इस अभियान को केवल कागजी न बनाकर व्यावहारिक बनाता है।
-
सबका साथ: जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संस्थाओं का एक मंच पर आना यह दर्शाता है कि जल संकट एक सामूहिक चुनौती है जिसका समाधान भी सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।

Bus Stand Pirawa







[…] […]