भवानीमण्डी। संभागीय आयुक्त एवं प्रभारी सचिव अनिल कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को भवानीमण्डी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत गुराड़ियामाना में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान संभागीय आयुक्त ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की मंशा आमजन को दफ्तरों के चक्कर कटवाने की नहीं, बल्कि उनके द्वार पर न्याय पहुंचाने की है।
किसानों और पशुपालकों की समस्याओं पर फोकस
चौपाल में किसानों ने फसल खराबे का मुआवजा और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इस पर संभागीय आयुक्त ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि मामलों की तत्काल जांच कर पात्र किसानों को लाभान्वित किया जाए। वहीं, गांव में नियमित पशुधन सहायक की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक को पाबंद किया गया।

स्कूल के सामने स्पीड ब्रेकर और ढीले बिजली तारों का समाधान
ग्रामीणों ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय के सामने स्पीड ब्रेकर बनाने और गांव में बिजली के ढीले तारों से होने वाले खतरे की शिकायत की।
-
पीडब्ल्यूडी: अभियंता को मौके पर जांच कर स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए गए।
-
जेवीवीएनएल: अधीक्षण अभियंता को तुरंत ढीले तारों को सही करने को कहा गया।
-
भवन ध्वस्तीकरण: पंचायत परिसर में स्थित अनुपयोगी और जर्जर भवन को ध्वस्त करने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग को तकमीना तैयार करने के आदेश दिए।
गर्मी को लेकर स्वास्थ्य और जलदाय विभाग को अलर्ट
आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए संभागीय आयुक्त ने चिकित्सा विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करने और जलदाय विभाग को नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास अधिकारी को आबादी भूमि में बने सब सेंटर भवन का पट्टा नियमानुसार जारी करने की प्रक्रिया पूर्ण करने को भी कहा।
सम्पर्क पोर्टल की शिकायतों पर संवेदनशीलता के निर्देश
संभागीय आयुक्त ने सभी अधिकारियों को सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल कागजी निस्तारण नहीं, बल्कि परिवादी की पूर्ण संतुष्टि होना चाहिए। इस अवसर पर एसडीएम श्रद्धा गोमे, डीएसपी प्रेम कुमार सहित जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
Pirawa Times विशेष: जनता के द्वार पर प्रशासन
- त्वरित न्याय: रात्रि चौपालों के माध्यम से उन ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है जो छोटे-छोटे कार्यों के लिए शहर जाने में असमर्थ थे।
-
अधिकारियों की जवाबदेही: प्रभारी सचिव की मौजूदगी ने स्थानीय प्रशासन को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाया है।






