पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और सांसद दुष्यंत सिंह का ‘विकास मॉडल
पिड़ावा। उपखंड क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमाओं को जोड़ने वाले पिड़ावा-गोविंदपुरा-करावन वाया धतुरिया-वाणी-सिंघपुरा मार्ग पर 38 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से एक भव्य ‘हाई लेवल ब्रिज’ और डामर सड़क का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।

पुल निर्माण के बीच ‘नौका विहार’ का रोमांच
घाटा खेड़ी आहू नदी पर पुलिया का काम तेजी से चलने के कारण वर्तमान में मुख्य मार्ग से आवागमन पूरी तरह बाधित है। ऐसे में ग्रामीणों ने अपनी राह खुद बनाई है। नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक जाने के लिए नाव को जरिया बनाया गया है।
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नया सफर: आमजन के साथ-साथ दुपहिया वाहनों (बाइक) को भी नाव के माध्यम से पार करवाया जा रहा है।
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आर्थिक लाभ: इस व्यवस्था से स्थानीय निवासियों को रोजगार का नया अवसर मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी बेहतर हो रही है।
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पर्यटन का अनुभव: पुल बनने तक ग्रामीणों और यात्रियों को मजबूरी में ही सही, लेकिन आहू नदी में नाव की सवारी का आनंद और रोमांच भी मिल रहा है।
तकनीकी विवरण: 540 मीटर लंबा होगा पुल
एमडीआर 377 (MDR 377) के अंतर्गत इस प्रोजेक्ट में पुल की लंबाई 540 मीटर और चौड़ाई 12 मीटर रखी गई है। गूडवील एडवांस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट कंपनी द्वारा 10 किलोमीटर लंबी डामर सड़क का निर्माण भी साथ में किया जा रहा है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

वसुंधरा राजे और दुष्यंत सिंह की बड़ी सौगात
इस मेगा प्रोजेक्ट को धरातल पर लाने में पूर्व मुख्यमंत्री व क्षेत्रीय विधायक वसुंधरा राजे और झालावाड़-बारां सांसद दुष्यंत सिंह की मुख्य भूमिका रही है। उन्हीं के विजन के चलते इस भारी-भरकम बजट की स्वीकृति संभव हो पाई है। इसके साथ ही, गोविंदपुरा के पूर्व सरपंच सौदान सिंह के निरंतर प्रयासों ने इस मांग को शासन तक मजबूती से पहुँचाया, जिसके चलते आज यह सपना साकार हो रहा है।
📱 Pirawa Times विशेष: विकास की डगर, नाव का सफर
- रोजगार का सृजन: निर्माण कार्य के दौरान आवागमन बाधित होने को स्थानीय लोगों ने अवसर में बदल दिया है, जिससे स्थानीय नाविकों की आमदनी बढ़ी है।
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समय की बचत: नाव की सुविधा होने से ग्रामीणों को कई किलोमीटर का चक्कर नहीं काटना पड़ रहा है।
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बदलेगी तस्वीर: 38 करोड़ की यह सौगात डग और झालरापाटन सहित एमपी के सीमावर्ती गांवों के लिए भविष्य की जीवनरेखा बनेगी।







