रायपुर। ( नाथू लाल टेलर )
पिड़ावा उपखंड क्षेत्र के छोटे से गांव सोयली में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक मंजर देखने को मिला। यहाँ एक पिता ने अपनी लाडली को किसी डोली या कार में नहीं, बल्कि ‘उड़नखटोले’ (हेलीकॉप्टर) में बिठाकर ससुराल के लिए विदा किया। सोयली गांव निवासी रामू नाथ की पुत्री आरती की शादी आज न केवल परिवार के लिए, बल्कि समूचे क्षेत्र के लिए यादगार बन गई।
खानपुर से उड़कर सोयली पहुंचा दूल्हा
सोयला सरपंच बद्री गुर्जर ने बताया कि दूल्हा रोहित, जो खानपुर का निवासी है, शुक्रवार को विशेष हेलीकॉप्टर के जरिए सोयली गांव पहुंचा। जैसे ही आसमान में हेलीकॉप्टर की गूँज सुनाई दी, ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ गई। गांव के पास ही बनाए गए अस्थाई हेलीपैड पर जब हेलीकॉप्टर उतरा, तो दूल्हे का जोरदार स्वागत किया गया।
लाडली की विदाई देख भावुक हुए ग्रामीण
शादी की सभी रस्में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न होने के बाद, दुल्हन आरती की विदाई का वक्त आया। जब दुल्हन अपने पति रोहित के साथ हेलीकॉप्टर में सवार हुई, तो यह पल ऐतिहासिक हो गया। पिता रामू नाथ ने अपनी बेटी के सपनों को पंख देते हुए उसे आसमान के रास्ते विदा किया। गांव के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस अनोखी विदाई को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने के लिए बेताब दिखा।
चर्चा में सोयली गांव: बन गया मिसाल
ग्रामीण इलाकों में इस तरह की शादियां विरली ही देखने को मिलती हैं। सोयली गांव में हुई इस ‘शाही विदाई’ ने यह साबित कर दिया कि अब ग्रामीण अंचलों में भी लोग अपनी बेटियों की शादी को खास बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। विदाई के बाद हेलीकॉप्टर ने जैसे ही उड़ान भरी, पूरा गांव ‘शुभ मंगल’ के नारों से गूँज उठा।
📱 Pirawa Times विशेष: बदलता ग्रामीण परिवेश
- सपनों की उड़ान: ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के आयोजन सामाजिक बदलाव और बढ़ती संपन्नता का संकेत हैं।
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सुरक्षा और व्यवस्था: सरपंच बद्री गुर्जर और स्थानीय प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।







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