झालावाड़। आमजन को बेहतर और पारदर्शी एलपीजी गैस वितरण सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। जिला रसद अधिकारी (DSO) जितेन्द्र कुमार ने बताया कि अब गैस सिलेंडर की बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और उपभोक्ता हितैषी बना दिया गया है। नई प्रणाली का मुख्य उद्देश्य फर्जी बुकिंग और गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाना है।
रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर ही होगा बुकिंग का आधार
नई व्यवस्था के तहत अब उपभोक्ता केवल अपने पंजीकृत (Registered) मोबाइल नंबर से ही गैस सिलेंडर बुक कर सकेंगे। बुकिंग के लिए निम्नलिखित अधिकृत माध्यम उपलब्ध रहेंगे:
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IVRS (वॉयस कॉल)
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व्हाट्सएप (WhatsApp)
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अधिकृत वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप
खास बात यह है कि प्रत्येक बुकिंग के समय उपभोक्ता के मोबाइल पर एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) भेजा जाएगा, जिसके माध्यम से सत्यापन अनिवार्य होगा। किसी भी अन्य अनधिकृत माध्यम से की गई बुकिंग अब मान्य नहीं होगी।
डिलीवरी के समय DAC कोड अनिवार्य
गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी के समय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) सिस्टम लागू किया गया है।
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सिलेंडर पहुँचने पर उपभोक्ता के रजिस्टर्ड नंबर पर एक कोड (DAC) आएगा।
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डिलीवरी बॉय को यह कोड बताने के बाद ही सिस्टम में डिलीवरी ‘सफल’ मानी जाएगी।
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इससे यह सुनिश्चित होगा कि सिलेंडर सही उपभोक्ता तक पहुँचा है और फर्जी डिलीवरी की गुंजाइश खत्म होगी।
पासबुक एंट्री और ई-केवाईसी (e-KYC)
जिला रसद अधिकारी ने स्पष्ट किया कि होम डिलीवरी के दौरान यदि उपभोक्ता के पास गैस पासबुक या डायरी उपलब्ध है, तो डिलीवरी कर्मी को उसमें एंट्री करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, यदि कोई उपभोक्ता अपना मोबाइल नंबर बदलना चाहता है, तो उसे आधार ई-केवाईसी के माध्यम से अपनी सहमति देनी होगी। बिना पहचान सत्यापन के मोबाइल नंबर में बदलाव संभव नहीं होगा।
नियम तोड़ने वाले वितरकों पर होगी जेल
प्रशासन ने गैस वितरकों और कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी है। यदि कोई भी एजेंसी इन निर्देशों का उल्लंघन करती पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द होने से लेकर जेल तक का प्रावधान है।
📱 Pirawa Times विशेष: उपभोक्ता क्या करें?
- नंबर अपडेट रखें: यदि आपका मोबाइल नंबर गैस एजेंसी में दर्ज नहीं है, तो तुरंत आधार कार्ड के साथ जाकर उसे अपडेट करवाएं।
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कोड साझा न करें: डिलीवरी बॉय के आपके दरवाजे पर पहुँचने से पहले अपना DAC कोड किसी को न बताएं।
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जागरूकता ही बचाव: नई व्यवस्था आपकी सुरक्षा के लिए है। किसी भी अनियमितता की स्थिति में तुरंत रसद विभाग या टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।

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