Home पिड़ावा समाचार सारंगाखेड़ा में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग: किसानों की आंखों के सामने...

सारंगाखेड़ा में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग: किसानों की आंखों के सामने जलने लगी मेहनत

1
219
किसानों की आंखों के सामने जलने लगी मेहनत
सारंगाखेड़ा में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग

फायर ब्रिगेड की खराब हालत ने खोली पोल; ग्रामीणों ने पत्तों और मिट्टी से पाया काबू

पिड़ावा। ग्राम पंचायत रमायदलपत के ग्राम सारंगाखेड़ा में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खेत में लगे एक बिजली के ट्रांसफार्मर में अचानक शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। आग नारायण सिंह (पुत्र भैरू सिंह रमायमहु) के खेत में लगी थी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। सड़क से गुजरने वाले दोपहिया और चार पहिया वाहन चालक इस मंजर को देख सहम गए और तुरंत रुककर मोबाइल के जरिए ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना मिलते ही गांव से बड़ी संख्या में किसान और युवा अपने खेतों की ओर दौड़ पड़े।

करोड़ों की फसल पर मंडराया संकट: 10-11 क्यारे जले

​आग की लपटें तेजी से फैलते हुए लाल सिंह (पुत्र नैन सिंह) के खेत की ओर बढ़ गई थीं, जहाँ गेहूं की पकी हुई फसल खड़ी थी। आग की चपेट में आने से लाल सिंह के खेत के करीब 10-11 क्यारे आधे जलकर राख हो गए। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत ट्रैक्टर का पलाव खेत के बीच में चला दिया, जिससे आग का रास्ता कट गया और वह आगे नहीं बढ़ पाई। किसानों की इसी सूझबूझ के कारण कई बीघा में खड़ी गेहूं और अलसी की फसल जलने से बच गई, अन्यथा बड़ी संख्या में नुकसान होना तय था।

फायर ब्रिगेड की ‘कबाड़’ हालत ने बढ़ाया गुस्सा

​इस पूरी घटना के दौरान नगर पालिका और दमकल की बड़ी लापरवाही उजागर हुई। ग्रामीणों ने आग लगते ही फायर ब्रिगेड को सूचना दी थी, लेकिन जब तक दमकल मौके पर पहुँची, तब तक ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ से आग पर काबू पा लिया था।
​हैरानी की बात यह रही कि जो दमकल गाड़ी मौके पर पहुँची, उसकी कंडीशन बेहद खराब थी। ग्रामीणों ने बताया कि:
  • ​फायर ब्रिगेड की गाड़ी का वाल्व खराब था।
  • ​पूरी गाड़ी से पीछे से पानी लगातार लीक हो रहा था।
  • ​समय पर पहुँचने के बावजूद गाड़ी की तकनीकी खराबी के कारण वह आग बुझाने में पूरी तरह सक्षम नहीं थी।

देशी जुगाड़ और हिम्मत से जीती जंग

​जब सरकारी तंत्र फेल नजर आया, तो किसानों ने खुद कमान संभाली। ग्रामीणों ने नीम के पत्तों, जर्मन के पत्तों, मिट्टी और उपलब्ध पानी का छिड़काव कर आग को और फैलने से रोका। किसानों का कहना है कि यदि थोड़ी भी देर हो जाती या हवा तेज होती, तो अधिक आर्थिक नुकसान होने की संभावना रहती।

📱 Pirawa Times विशेष: अन्नदाता की सुरक्षा का कौन जिम्मेदार?

  • बिजली विभाग की लापरवाही: खेतों के बीच लगे ट्रांसफार्मरों का मेंटेनेंस न होना आगजनी की मुख्य वजह बनता जा रहा है। क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
  • दमकल विभाग पर सवाल: पिड़ावा जैसे कृषि प्रधान क्षेत्र में क्या प्रशासन एक सुव्यवस्थित और चालू हालत वाली फायर ब्रिगेड भी उपलब्ध नहीं करा सकता? कबाड़ हो चुकी गाड़ियाँ केवल दिखावा बनकर रह गई हैं।
सौम्य म्यूजिक सेंटर पिड़ावा
सौम्य म्यूजिक सेंटर
महावीर मार्ग (पट्टी बाज़ार ) पिड़ावा

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!