पिड़ावा | आध्यात्मिक संत कानजी स्वामी के पुण्य प्रभावना योग और आचार्य कुन्दकुन्ददेव प्रणीत आगम के अनुसार, पिड़ावा की पावन धरा पर एक ऐतिहासिक धार्मिक उत्सव का आयोजन होने जा रहा है। 4 मार्च से 8 मार्च 2026 तक तीर्थधाम मोक्षायतन परिसर, कोटडी रोड में भव्य ‘गुरुवाणी मंथन शिविर’ का आयोजन किया जाएगा। यह गरिमामयी कार्यक्रम श्री कुन्दकुन्द कहान दिगम्बर जैन तीर्थ सुरक्षा ट्रस्ट एवं श्री कुन्दकुन्द कहान पारमार्थिक ट्रस्ट, विले पारले (मुंबई) के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित हो रहा है।
विद्वत समागम और निर्देशन
इस पांच दिवसीय शिविर का निर्देशन प्रख्यात विद्वान पं. रजनीभाईजी दोशी (हिम्मतनगर) और पं. विरागजी शास्त्री (जबलपुर) द्वारा किया जाएगा। साथ ही, सहनिर्देशन में पं. भूपेन्द्रजी शास्त्री (विदिशा) एवं पं. अमितजी अरिहंत (दीवानगंज, भोपाल) अपनी सेवाएं देंगे। इस अवसर पर देशभर के प्रतिष्ठित विद्वान जैसे ब्र. नन्हेभैयाजी (सागर), पं. संजयजी शास्त्री (कोटा), पं. अजितजी शास्त्री (अलवर), पं. अरिहंतप्रकाशजी और पं. अशोकजी जैन (उज्जैन) का मंगल सानिध्य श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा।
विशेष लोकार्पण और स्थापना कार्यक्रम
शिविर के दौरान कई महत्वपूर्ण संरचनाओं और केंद्रों का उद्घाटन किया जाएगा:
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सहस्त्रकूट प्रतिकृति एवं अतिथी निवास: दिल्ली के नीरज कोमल जैन नीरु केमिकल परिवार द्वारा इसका लोकार्पण किया जाएगा।
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श्रुत शोध केन्द्र: मुम्बई के सोनी परिवार द्वारा स्व. नवनीतजी सोनी की स्मृति में इसका उद्घाटन होगा।
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‘वीर हिमाचल ते निकसी’ ग्रन्थ: स्मृतिदेवी जैन (सोनगढ़) द्वारा इस विशेष कृति का लोकार्पण किया जाएगा।
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आधुनिक सुविधाएँ: गुरुदेवश्री स्टेच्यू, प्रोजेक्टर एवं भोजनशाला का पुण्यार्जन दीपाजी-धनेशभाई शाह (मुम्बई) द्वारा किया गया है।
पांच दिवसीय कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा
शिविर में प्रतिदिन भक्ति और ज्ञान की प्रभावना होगी:
04 मार्च (बुधवार): ज्योति स्व. अनिल जैन (उज्जैन) द्वारा ध्वजारोहण के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा।
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05 मार्च (गुरुवार): त्रय वेदी शुद्धि, सोनगढ़ चित्र अनावरण एवं गुरुदेवश्री प्रतिकृति स्थापना का मंगल कार्य होगा।
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06 मार्च (शुक्रवार): श्रीजी विराजमान, ध्वज दण्ड, कलशारोहण और पंचतीर्थ में अर्ध्यावली स्थापना की जाएगी।
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07 मार्च (शनिवार): श्रुतशोध केन्द्र का भव्य उद्घाटन एवं जिनवाणी विराजमान करने का कार्यक्रम संपन्न होगा।
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08 मार्च (रविवार): समस्त जिनेन्द्र भगवंतों का मस्तकाभिषेक, सहस्त्रकूट चैत्यालय विराजमान और एक भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी।






