सिलेहगढ़। (मेहरबान सिंह) राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा से सटे सिलेहगढ़ क्षेत्र में संचालित शराब ठेका इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर विवादों के घेरे में है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस ठेके पर शासन द्वारा निर्धारित रात्रि 8 बजे की समय सीमा के बाद भी धड़ल्ले से शराब बेची जा रही है।
बॉर्डर की भौगोलिक स्थिति का अनुचित लाभ
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र मध्यप्रदेश की सीमा से सटा हुआ है, जिसका फायदा उठाकर नियमों को ताक पर रखकर देर रात तक शराब की बिक्री की जा रही है। इस वजह से बॉर्डर क्षेत्र में देर रात तक बाहरी लोगों और असामाजिक तत्वों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे स्थानीय शांति व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों और व्यापारियों ने जताई आपत्ति
- महेन्द्र सिंह (स्थानीय निवासी): “रात 8 बजे के बाद भी शराब की बिक्री जारी रहती है। इससे क्षेत्र में झगड़े, शोर-शराबा और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन को इस पर तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”
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बालूसिंह (ढाबा संचालक): उन्होंने आबकारी विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके ढाबे की तीन बार बेवजह जांच की गई, जबकि वहां कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
नियमों का उल्लंघन और प्रशासनिक कार्रवाई
सरकारी नियमों के अनुसार, रात्रि 8 बजे के बाद शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित ठेके का लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जा सकता है।
अधिकारी का पक्ष:






