पिड़ावा। आज के दौर में जहाँ भौतिकवाद हावी है, वहीं पिड़ावा में ईमानदारी की एक सुखद तस्वीर सामने आई है। सेंटर CFL मैनेजर दिनेश कुमार वर्मा और उनकी टीम ने सड़क पर मिले एक कीमती मोबाइल को उसके असली मालिक तक पहुँचाकर मिसाल पेश की है।
सड़क पर पड़ा मिला बिना लॉक का मोबाइल
सेंटर CFL मैनेजर दिनेश कुमार वर्मा ने बताया कि वे सम्मेलन समिति की टीम के साथ फोर-व्हीलर से भवानी मंडी रोड पर सफर कर रहे थे। इसी दौरान हेमड़ा स्कूल के पास उन्हें सड़क पर एक वीवो (Vivo) कंपनी का मोबाइल पड़ा हुआ मिला, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 25,000 रुपये है। विशेष बात यह थी कि उस मोबाइल पर कोई सुरक्षा लॉक भी नहीं लगा हुआ था।
साक्षी राव को सुरक्षित सौंपा फोन
मोबाइल मिलने के कुछ ही समय बाद उस पर साक्षी राव का कॉल आया। उन्होंने स्वयं को नाराणा ब्लॉक, पिड़ावा की निवासी बताया और फोन खोने की जानकारी दी। मैनेजर दिनेश कुमार ने साक्षी को उनके पति के साथ बुलाकर पूरी तस्दीक की और उन्हें उनका मोबाइल सुरक्षित सौंप दिया। अपना खोया हुआ फोन वापस पाकर साक्षी राव के चेहरे पर खुशी दिखाई दी और उन्होंने पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।
50 हजार की वस्तुएं लौटा चुके हैं दिनेश कुमार
दिनेश कुमार वर्मा ने इस घटना को अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि भगवान ने उन्हें इस सेवा के लायक समझा। उन्होंने साझा किया कि इस वर्ष वे अब तक लगभग 50,000 रुपये मूल्य की खोई हुई वस्तुएं उनके मालिकों को लौटा चुके हैं।
मैनेजर का संदेश: फोन में ‘मजबूत पासवर्ड’ है जरूरी
सेंटर मैनेजर ने इस अवसर पर समस्त देशवासियों और क्षेत्रवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। उन्होंने अपील की कि:
”तमाम भाई-बहन अपने फोन में एक मजबूत पासवर्ड जरूर बनाकर रखें। इससे मोबाइल खोने की स्थिति में आपकी निजी संपत्ति और डेटा का नुकसान नहीं होगा और आप ऑनलाइन फ्रॉड से भी सुरक्षित रह सकेंगे।”
इनकी रही उपस्थिति
मोबाइल लौटाने के इस नेक कार्य के दौरान लक्ष्मी नारायण (सेवानिवृत्त अध्यापक), रतन लाल (पूर्व सरपंच, गेलना), प्रभु लाल (सेवानिवृत्त अध्यापक), रमेश चंद (पूर्व पार्षद, पिड़ावा), भगवान लाल और हड़मतिया सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
पिड़ावा टाइम्स विशेष: मोबाइल सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी
मोबाइल सुरक्षा को लेकर दिनेश कुमार वर्मा का संदेश:
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मजबूत पासवर्ड: अपने फोन में हमेशा एक कठिन पासवर्ड, पैटर्न या बायोमेट्रिक लॉक (फिंगरप्रिंट/फेस लॉक) का उपयोग करें।
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फ्रॉड से बचाव: लॉक न होने की स्थिति में मोबाइल खोने पर आपकी निजी जानकारी और बैंक खातों का दुरुपयोग कर ऑनलाइन फ्रॉड किया जा सकता है।
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डेटा सुरक्षा: मोबाइल लॉक होने से आपकी फोटो, वीडियो और निजी दस्तावेज गलत हाथों में जाने से बचते हैं।
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इमरजेंसी कांटेक्ट: लॉक स्क्रीन पर एक इमरजेंसी मोबाइल नंबर सेट करें ताकि मोबाइल मिलने वाले व्यक्ति को मालिक तक पहुँचने में आसानी हो।






