नई नगर पालिका बोर्ड के सामने सबसे बड़ा सवाल—ड्रेनेज सिस्टम सुधरेगा या समस्या जस की तस रहेगी?
पिड़ावा। नगर पालिका चुनाव 2026 के बाद पिड़ावा को नया अध्यक्ष मिल चुका है। भाजपा के राजू माली नगर पालिका अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव में उन्हें 20 में से 12 वोट मिले।
अब चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शहरवासियों की नजर नगर पालिका के नए बोर्ड के कामकाज पर है। इनमें पिड़ावा की वर्षों पुरानी ड्रेनेज सिस्टम की समस्या सबसे प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
बारिश के दिनों में जल निकासी की व्यवस्था को लेकर शहर के अलग-अलग हिस्सों में परेशानी सामने आती रही है। नालियों की सफाई, पानी की निकासी और व्यवस्थित ड्रेनेज नेटवर्क जैसे मुद्दे लंबे समय से नगर की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवाल बने हुए हैं।
अब जिम्मेदारी नए बोर्ड के सामने
पिड़ावा में पहले भी नगर पालिका के अलग-अलग बोर्डों के सामने जल निकासी व्यवस्था को सुधारने की चुनौती रही है। बावजूद इसके शहर में एक ऐसी समग्र ड्रेनेज व्यवस्था का सवाल बना हुआ है, जिससे बारिश के पानी की निकासी व्यवस्थित तरीके से हो सके।
अब नई नगर पालिका के गठन के बाद शहरवासियों की निगाहें अध्यक्ष राजू माली और नए बोर्ड पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या इस बार ड्रेनेज समस्या को केवल नालियों की सफाई तक सीमित रखने के बजाय पूरे शहर की जल निकासी व्यवस्था को लेकर कोई ठोस और दीर्घकालिक योजना तैयार होगी?
सिर्फ नाली सफाई या बनेगा स्थायी समाधान ?
ड्रेनेज व्यवस्था किसी भी शहर की मूलभूत सुविधाओं में शामिल है। इसके लिए नालियों की नियमित सफाई के साथ-साथ पानी के बहाव, मुख्य नालों की क्षमता, जलभराव वाले स्थानों और निकासी के अंतिम बिंदुओं का व्यवस्थित अध्ययन जरूरी होता है।
पिड़ावा में भी आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर पालिका इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाती है। क्या नए ड्रेनेज मार्ग बनाए जाएंगे? क्या पुराने और जाम नालों का पुनर्गठन होगा? क्या जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित कर स्थायी समाधान किया जाएगा? या फिर हर बारिश में वही पुरानी समस्या दोहराती रहेगी?
शहरवासियों को अब काम का इंतजार
चुनाव के बाद अब राजनीतिक दावों और चर्चाओं से आगे बढ़कर शहरवासियों की निगाहें जमीनी काम पर हैं। सड़क, सफाई, नालियां और जल निकासी जैसी सुविधाएं सीधे आम नागरिकों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी हैं।
ऐसे में आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर पालिका अध्यक्ष राजू माली और उनका बोर्ड पिड़ावा की ड्रेनेज समस्या को किस तरह लेते हैं और इसके समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या इस बार पिड़ावा को वर्षों पुरानी ड्रेनेज समस्या से स्थायी राहत मिलेगी, या फिर शहरवासियों को अगले मानसून में भी उसी समस्या का सामना करना पड़ेगा?






