लॉटरी के बाद कहीं उम्मीदवारों को लगेगा झटका तो कहीं बदल सकती है किस्मत, आरक्षण तय होते ही बदलेंगे चुनावी समीकरण
पिड़ावा। नगर पालिका आम चुनाव-2026 को लेकर पिड़ावा में चुनावी सरगर्मी तेज होने लगी है। संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की निगाहें अब 17 अगस्त 2026 को होने वाली वार्ड आरक्षण की लॉटरी पर टिकी हुई हैं। पिड़ावा नगर पालिका के 20 वार्डों में किस वार्ड को किस श्रेणी के लिए आरक्षित किया जाएगा, इसका फैसला आरक्षण प्रक्रिया के बाद होगा। इसके साथ ही लंबे समय से चुनावी तैयारी में जुटे संभावित दावेदारों के समीकरण भी सामने आ जाएंगे।
जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ के अनुसार स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान के निर्देशों की अनुपालना में पिड़ावा के 20 वार्डों का आरक्षण 17 अगस्त को दोपहर 3 बजे मिनी सचिवालय, झालावाड़ के सभा भवन में किया जाएगा। आरक्षण की प्रक्रिया नियमानुसार एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी।
कैसे निकलेगी आरक्षण की लॉटरी ?
वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया में सबसे पहले नगर पालिका के सभी वार्डों की निर्धारित सूची और संबंधित आरक्षण श्रेणियों को तैयार किया जाएगा। इसके बाद नियमों के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाने वाले वार्डों का निर्धारण किया जाएगा। निर्धारित श्रेणियों के वार्डों का चयन लॉटरी/ड्रा की प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। पूरी कार्यवाही संबंधित अधिकारियों एवं मौजूद प्रतिनिधियों के समक्ष कराई जाएगी, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
लॉटरी में जिस वार्ड का जो आरक्षण निकलेगा, उसी के अनुसार उस वार्ड से चुनाव लड़ने वाले संभावित उम्मीदवारों की पात्रता का समीकरण बदलेगा। इसके बाद शेष अनारक्षित वार्डों की स्थिति भी स्पष्ट होगी और संभावित प्रत्याशियों के लिए चुनावी मैदान की तस्वीर सामने आने लगेगी।
किसी की उम्मीदों पर फिर सकता है पानी, तो किसी की बदल सकती है किस्मत
पिड़ावा में कई संभावित उम्मीदवार पिछले काफी समय से अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क और चुनावी गतिविधियों में सक्रिय हैं। लेकिन आरक्षण की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण कई दावेदार अभी इंतजार की स्थिति में हैं।
17 अगस्त की लॉटरी किसी के लिए खुशखबरी तो किसी के लिए झटका साबित हो सकती है। जिस वार्ड में कोई दावेदार लंबे समय से तैयारी कर रहा है, यदि वही वार्ड उसके अनुकूल आरक्षित नहीं हुआ तो उसकी तैयारियों पर पानी फिर सकता है। वहीं दूसरी ओर आरक्षण उसके पक्ष में आने पर किसी उम्मीदवार की चुनावी राह अचानक आसान हो सकती है।
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लॉटरी के बाद शुरू होगा असली चुनावी खेल
आरक्षण की घोषणा के बाद पिड़ावा में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। कई दावेदार अपने वार्ड की स्थिति के अनुसार आगे की रणनीति तय करेंगे। वहीं कुछ संभावित उम्मीदवारों को वार्ड बदलने, नए समीकरण तलाशने या नए चेहरे के समर्थन में उतरने की स्थिति भी बन सकती है।
फिलहाल संभावित उम्मीदवार 17 अगस्त की लॉटरी का टकटकी लगाए इंतजार कर रहे हैं। आरक्षण की पर्ची निकलते ही 20 वार्डों की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी और यह भी पता चल जाएगा कि कौन चुनावी मैदान में मजबूती से उतर सकता है और किसे अपनी रणनीति बदलनी पड़ेगी।
यानी 17 अगस्त को सिर्फ वार्डों का आरक्षण ही तय नहीं होगा, बल्कि पिड़ावा नगर पालिका चुनाव के कई सियासी समीकरण भी बदल सकते हैं। किसी दावेदार की किस्मत चमक सकती है, तो किसी की महीनों की तैयारी पर पानी फिर सकता है। अब सबकी निगाहें उस लॉटरी पर हैं, जिसके बाद पिड़ावा का चुनावी पारा और चढ़ना तय माना जा रहा है।







