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पिड़ावा नगर पालिका के 20 वार्डों का आरक्षण जारी, कहीं सामान्य तो कहीं महिला और ओबीसी को मौका

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पिड़ावा। नगर पालिका चुनाव 2026 को लेकर लंबे समय से वार्ड आरक्षण का इंतजार कर रहे संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के लिए तस्वीर अब काफी हद तक साफ हो गई है। नगर पालिका पिड़ावा के 20 वार्डों का आरक्षण जारी होने के बाद कई दावेदारों के चुनावी समीकरण बदल गए हैं। आरक्षण की घोषणा के साथ ही कहीं संभावित उम्मीदवारों के चेहरों पर खुशी नजर आई तो कहीं लंबे समय से तैयारी कर रहे दावेदारों को निराशा का सामना करना पड़ा।
नगर पालिका पिड़ावा के वार्ड नंबर 1 को सामान्य, वार्ड नंबर 2 को सामान्य तथा वार्ड नंबर 3 को सामान्य महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इसी क्रम में वार्ड नंबर 4 सामान्य, वार्ड नंबर 5 अनुसूचित जाति, वार्ड नंबर 6 सामान्य और वार्ड नंबर 7 सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुआ है।
वहीं वार्ड नंबर 8 सामान्य रखा गया है, जबकि वार्ड नंबर 9 और वार्ड नंबर 10 को सामान्य महिला के लिए आरक्षित किया गया है। वार्ड नंबर 11, 12, 13 और 14 सामान्य श्रेणी में रखे गए हैं। इसके बाद वार्ड नंबर 15 को ओबीसी महिला के लिए आरक्षित किया गया है।
आरक्षण की जारी सूची के अनुसार वार्ड नंबर 16 सामान्य, वार्ड नंबर 17 ओबीसी, वार्ड नंबर 18 ओबीसी तथा वार्ड नंबर 19 भी ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं वार्ड नंबर 20 सामान्य महिला के लिए आरक्षित किया गया है।

आरक्षण के बाद बदले चुनावी समीकरण

वार्ड आरक्षण सामने आने के बाद अब पिड़ावा की राजनीति में संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। पिछले कई महीनों से अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क कर रहे दावेदारों की निगाहें आरक्षण की प्रक्रिया पर टिकी हुई थीं। अब आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद दावेदारों को यह तय करने का मौका मिलेगा कि उन्हें किस वार्ड से चुनावी मैदान में उतरना है और किस रणनीति के साथ आगे बढ़ना है।
खास बात यह है कि कुछ वार्ड सामान्य होने से पुराने दावेदारों के लिए चुनाव लड़ने का रास्ता खुला है, तो वहीं महिला आरक्षण वाले वार्डों में कई नए चेहरों के सामने आने की संभावना है। ओबीसी और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित वार्डों में भी संबंधित वर्ग के संभावित उम्मीदवारों की राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के आसार हैं।

किसी के लिए खुशी, किसी के लिए झटका

आरक्षण की घोषणा ने कई संभावित उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य को भी प्रभावित किया है। जिन दावेदारों के वार्ड उनकी मनचाही श्रेणी में आए हैं, उनके लिए यह खबर किसी खुशखबरी से कम नहीं है। वहीं जिन उम्मीदवारों के वार्ड महिला, ओबीसी या अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हो गए हैं, उन्हें अब नए विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं।
पिड़ावा में नगर पालिका चुनाव को लेकर पहले से ही राजनीतिक हलचल बनी हुई है। अब वार्ड आरक्षण की तस्वीर स्पष्ट होने के बाद टिकट की दावेदारी, नए समीकरण, संभावित प्रत्याशियों की तलाश और राजनीतिक जोड़-तोड़ का दौर तेज होने की उम्मीद है।
आने वाले दिनों में यह देखना खासा दिलचस्प होगा कि कौन से पुराने दावेदार मैदान में डटे रहते हैं, कौन दूसरे वार्ड का रुख करते हैं और किन नए चेहरों को राजनीतिक दल मौका देते हैं। वार्ड आरक्षण ने पिड़ावा के आगामी नगर पालिका चुनाव की सियासी बिसात को काफी हद तक तैयार कर दिया है। अब सबकी निगाहें प्रत्याशियों की घोषणा और चुनावी मैदान में उतरने वाले चेहरों पर टिकी हैं।

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