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पिड़ावा में आंधी-तूफान का खूनी तांडव: सुल्तानपुरा में निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरने से युवक की दर्दनाक मौत; मलबे में दबने से फटा सिर, अस्पताल में उमड़ी सैकड़ों की भीड़, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल!

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सुल्तानपुरा में निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरने से युवक की दर्दनाक मौत
सुल्तानपुरा में निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरने से युवक की दर्दनाक मौत
पिड़ावा। शहर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में आज दोपहर अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। आसमान में छाए काले बादलों के साथ आई भीषण और विनाशकारी आंधी-तूफान ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा के बीच पिड़ावा के सुल्तानपुरा इलाके में एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाला हादसा घटित हो गया। यहाँ तेज अंधड़ के कारण एक निर्माणाधीन मकान की भारी-भरकम दीवार अचानक भरभराकर ढह गई, जिसकी चपेट में आने से एक युवक की मलबे में दबकर असमय मौत हो गई। इस हृदयविदारक हादसे के बाद सुल्तानपुरा सहित पूरे पिड़ावा नगर में शोक की लहर दौड़ गई है।

​निर्माणाधीन मकान पर काल बनकर गिरी दीवार:

पुलिस को सौंपे गए पत्र और प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की शिनाख्त फजलुद्दीन (पुत्र छोटे खाँ, निवासी सुल्तानपुरा, पिड़ावा) के रूप में हुई है। सोमवार दोपहर करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच जब आसमान में धूल का गुबार उठा और चक्रवाती आंधी चलने लगी, तब फजलुद्दीन सुल्तानपुरा स्थित अपने निर्माणाधीन मकान पर मौजूद था। इसी दौरान आंधी के तेज झोंकों और दबाव को न झेल पाने के कारण मकान की एक नवविर्मित ऊंची दीवार अचानक फजलुद्दीन के ऊपर ताश के पत्तों की तरह आ गिरी।

​सिर पर लगी गंभीर चोट, डॉक्टरों ने घोषित किया मृत:

हादसा इतना अचानक और भीषण था कि फजलुद्दीन को संभलने तक का मौका नहीं मिला और वह सीधे मलबे के नीचे दब गया। ईंटों के गिरने से उसके सिर पर बेहद गंभीर और जानलेवा चोटें आईं, जिससे मौके पर ही भारी मात्रा में खून बह गया। दीवार गिरने के धमाके और चीख-पुकार सुनकर आसपास के पड़ोसी और परिजन तुरंत मौके की तरफ भागे। ग्रामीणों ने आनन-फानन में भारी मशक्कत कर मलबे को हटाया और लहू-लुहान हालत में फजलुद्दीन को तुरंत पिड़ावा के स्थानीय राजकीय अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन अस्पताल लाते ही वहां तैनात चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
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​अस्पताल में उमड़ा सैकड़ों का हुजूम, चीत्कारों से कांपा परिसर:

जैसे ही डॉक्टरों ने फजलुद्दीन को मृत घोषित किया, अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतक के भाई मोहम्मद रफीक सहित माता-पिता और परिवार जनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों की चीख-पुकार और करुण क्रंदन को सुनकर अस्पताल में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। हादसे की खबर आग की तरह पूरे शहर में फैल गई, जिसके चलते कुछ ही देर में अस्पताल परिसर के भीतर और बाहर सैकड़ों स्थानीय नागरिकों, शुभचिंतकों और समाजसेवियों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई इस असमय मौत की खबर से स्तब्ध और मर्माहत नजर आया।
​घटना के बाद मृतक के भाई मोहम्मद रफीक ने पिड़ावा थानाधिकारी को लिखित पत्र सौंपकर इस पूरी दुखद घटना की आधिकारिक सूचना दी है। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करवाने की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की आगे की तहकीकात की जा रही है।
​पिड़ावा टाइम्स विशेष: आंधी-तूफान के इस दौर में सुरक्षा ही एकमात्र उपाय!
  • ​असहनीय और अपूरणीय क्षति: फजलुद्दीन की इस तरह अचानक हुई मौत ने सुल्तानपुरा के एक गरीब परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दिया है। ‘पिड़ावा टाइम्स’ परिवार की इस असीम वेदना में उनके साथ खड़ा है।
  • ​निर्माणाधीन ढांचों से दूरी जरूरी: यह भीषण हादसा इस बात की चेतावनी है कि आंधी-तूफान या तेज हवाओं के चलते नए बन रहे मकानों, कमजोर दीवारों, पुरानी छतों और टीनशेड के पास खड़े होना जानलेवा साबित हो सकता है। मौसम खराब होते ही तुरंत किसी सुरक्षित और पक्के मकान की शरण लें।
  • ​प्रशासन से मांग: क्षेत्र में आंधी और चक्रवात के इस दौर को देखते हुए नगर पालिका और प्रशासन को कस्बे में स्थित जर्जर मकानों और असुरक्षित निर्माणों का सर्वे कर उन्हें तुरंत दुरुस्त करवाने या पाबंद करने के निर्देश जारी करने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी किसी दूसरी त्रासदी से मासूम जिंदगियों को बचाया जा सके।

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