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अब गांवों में भी सुरक्षित एबॉर्शन सेवाएं: झालावाड़ में ग्रामीण चिकित्सकों को मिली ‘एमएमए’ की एडवांस ट्रेनिंग

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अब गांवों में भी सुरक्षित एबॉर्शन सेवाएं
झालावाड़ में ग्रामीण चिकित्सकों को मिली 'एमएमए' की एडवांस ट्रेनिंग
झालावाड़ | मातृ मृत्यु दर में कमी लाने और ‘अनसेफ एबॉर्शन’ (असुरक्षित गर्भपात) जैसी गंभीर समस्या को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी पहल की है। श्रीमती हीरा कुंवर बा राजकीय महिला चिकित्सालय में आयोजित 3 दिवसीय ‘मेडिकल मेथड ऑफ एबॉर्शन’ (एमएमए) कार्यशाला के माध्यम से अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुरक्षित और कानूनी गर्भपात सेवाएं सुलभ हो सकेंगी।

​मातृ मृत्यु दर रोकने की दिशा में बड़ा कदम

​कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि अनसेफ एबॉर्शन मातृ मृत्यु के लगभग 8% मामलों का मुख्य कारण है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. साजिद खान के निर्देशानुसार आयोजित इस ट्रेनिंग का उद्देश्य ग्रामीण चिकित्साधिकारियों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक तरीकों में दक्ष बनाना है, ताकि वे अपने क्षेत्रों में सुरक्षित सेवाएं प्रदान कर सकें।

​विशेषज्ञों ने दी हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल ट्रेनिंग

​स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राधेश्याम बैरा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रशिक्षण में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की:
  • ​तकनीकी प्रशिक्षण: डॉ. मधुरिमा वर्मा, डॉ. दीपिका नंदवाना और डॉ. टीना नागर ने सुरक्षित एबॉर्शन के वैज्ञानिक तरीकों पर विस्तार से बताया।
  • ​प्रैक्टिकल ट्रेनिंग: पीजी रेजिडेंट डॉ. स्नेहिल शर्मा ने लेबर रूम और ओटी (OT) में चिकित्सकों को व्यावहारिक (Hands-on) प्रशिक्षण दिया।
  • ​लीगल अपडेट: प्रशिक्षण में एमटीपी एक्ट संशोधन 2021, कंसेंट फॉर्म, ओपिनियन फॉर्म और एमएमए कार्ड जैसे कानूनी और रिपोर्टिंग पहलुओं की भी जानकारी दी गई।

​ग्रामीण क्षेत्रों में आएगा सुधार

​प्रशिक्षण में शामिल डॉ. शुभम पाटीदार ने कहा कि इस तरह की ट्रेनिंग से ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को अब सुरक्षित, सम्मानजनक और कानूनी स्वास्थ्य अधिकार मिल सकेगा। कार्यशाला में डॉ. अशेरिक अंसारी, डॉ. हर्षित सैनी, डॉ. रामभरोसे और डॉ. मोहित सहित कई चिकित्साधिकारियों ने भाग लिया, जिन्हें प्रशिक्षण के उपरांत प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
​इस सफल आयोजन में आईपास डेवलपमेंट फाउंडेशन के देविप्रसाद वर्मा और परिवार कल्याण विभाग के अशोक प्रजापति का विशेष सहयोग रहा।

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