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शर्मनाक! पिड़ावा में गौ माता के मृत शरीर का घोर अपमान, ट्रैक्टर के पीछे लटका ले गए कर्मचारी; क्या यही है प्रशासन का ‘गौ सेवा’ मॉडल?

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शर्मनाक! पिड़ावा में गौ माता के मृत शरीर का घोर अपमान, ट्रैक्टर के पीछे लटका ले गए कर्मचारी; क्या यही है प्रशासन का 'गौ सेवा' मॉडल?
शर्मनाक! पिड़ावा में गौ माता के मृत शरीर का घोर अपमान, ट्रैक्टर के पीछे लटका ले गए कर्मचारी
पिड़ावा। झालावाड़ जिले के पिड़ावा नगर पालिका क्षेत्र से एक बेहद ही हृदयविदारक और निंदनीय घटना सामने आई है। यहाँ नगर पालिका प्रशासन की घोर संवेदनशीलता उस समय उजागर हुई, जब एक मृत गोवंश (गौ माता) को सम्मानजनक तरीके से लाने के बजाय उसे ट्रैक्टर के पीछे रस्सी से बांधकर ले जाया गया। इस घटना का पता चलते ही क्षेत्र के गौ रक्षकों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।

क्या है पूरा मामला ? गौ रक्षक ने बयां की दास्तां

​गो रक्षा दल पिड़ावा के सक्रिय सदस्य बहादुर सिंह सिसोदिया (निवासी बांसखेड़ी) ने इस पूरी घटना की कड़ी निंदा करते हुए बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि नगर पालिका का एक ट्रैक्टर मृत गौ माता को अत्यंत ही अपमानजनक स्थिति में घसीटते हुए गुराडिया कॉलेज के पास स्थित कचरा पात्र की ओर ले जा रहा है।
​बहादुर सिंह ने बताया, “जब हमने मौके पर पहुंचकर ट्रैक्टर को रुकवाया और इस घिनौनी हरकत का विरोध किया, तो वहां मौजूद कर्मचारी का जवाब बेहद गैर-जिम्मेदाराना था। उन्होंने कहा कि हमें जमादार ने निर्देश दिए हैं कि गोवंश को कचरा पात्र में डाल दिया जाए।” गौ रक्षकों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन के पास मृत पशुओं के निस्तारण के लिए न तो उचित संसाधन हैं और न ही उनके मन में गौ माता के प्रति कोई सम्मान है।

जमादार की सफाई: “लोडर खराब था, इसलिए बांधा”

​ नगर पालिका जमादार का कहना है कि पशु को घसीटकर ले जाने की बात गलत है। गोवंश को ट्रॉली के ऊपर बांधा हुआ था। गोवंश को इस तहर ले जाने की उनकी कोई मंशा नहीं थी। उनके मुताबिक, नगर पालिका का लोडर (पशु उठाने वाली मशीन) खराब हो गया था, जिसके कारण वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर गोवंश को ट्रैक्टर के पीछे बांधना पड़ा।
​कचरा पात्र में डालने के आरोप पर जमादार ने स्पष्ट किया कि गुराडिया कॉलेज के पास कचरा पात्र क्षेत्र में एक गहरा गड्ढा विशेष रूप से मृत पशुओं के निस्तारण के लिए खोदा गया है। उनका दावा है कि वहां पशु को डालकर ऊपर से दवाइयां छिड़की जाती हैं ताकि क्षेत्र में बदबू न फैले और संक्रमण का खतरा न रहे।

प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग

​इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पिड़ावा की जनता में नगर पालिका के प्रति भारी गुस्सा है। गौ रक्षकों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस घिनौनी हरकत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
​क्षेत्र के लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार गौ संरक्षण के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी मशीनरी ही गौ माता के मृत शरीर का इस तरह अपमान कर रही है। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ भी है।

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📱 Pirawa Times विशेष: आस्था और अपमान की लड़ाई
  • संसाधनों का अभाव या संवेदनहीनता? जमादार का यह कहना कि ‘लोडर खराब था’ क्या इस बात को जायज ठहराता है कि गौ माता को सड़क पर घसीटा जाए? नगर पालिका के पास क्या एक ट्रॉली या अन्य सुरक्षित वाहन की व्यवस्था नहीं थी?
  • धार्मिक भावनाओं का क्या? हिंदू धर्म में गौ माता को पूजनीय माना जाता है। उनके मृत शरीर को कचरा पात्र के पास ले जाना ही अपने आप में एक बड़ा अपराध है। क्या नगर पालिका के पास मृत पशुओं के लिए कोई अलग और सम्मानजनक ‘मुक्ति धाम’ नहीं है?
  • जवाबदेही तय हो: यह पहली बार नहीं है जब नगर पालिका के कर्मचारियों पर ऐसे आरोप लगे हैं। जब तक बड़े अधिकारियों पर गाज नहीं गिरेगी, तब तक निचले स्तर के कर्मचारी इसी तरह की लापरवाही बरतते रहेंगे।
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