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रक्षाबंधन पर पिड़ावा बस स्टैंड पर मचेगी हाहाकार! टेंट के भरोसे उपखंड का मुख्य अड्डा; बरसात की बौछारों के बीच खुले आसमान के नीचे बसें ढूँढने को मजबूर होंगी बहन-बेटियां

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टेंट के भरोसे उपखंड का मुख्य अड्डा
टेंट के भरोसे उपखंड का मुख्य अड्डा; बरसात की बौछारों के बीच खुले आसमान के नीचे बसें ढूँढने को मजबूर होंगी बहन-बेटियां
पिड़ावा। नगर के मुख्य बस स्टैंड पर यात्रियों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर नगर पालिका प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। यात्रियों को धूप और बारिश से आश्रय देने वाला पुराना यात्री प्रतीक्षालय भवन जर्जर होने के कारण नगर पालिका द्वारा सुरक्षा कारणों से बंद तो कर दिया गया है, लेकिन उसके बदले अब तक किसी स्थायी यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण नहीं कराया गया है। इसका खामियाजा प्रतिदिन बसों का इंतजार करने वाले सैकड़ों यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।

अस्थायी टेंट व्यवस्था महज एक औपचारिकता:

नगर पालिका द्वारा फिलहाल बंद पड़े जर्जर भवन के सामने केवल एक छोटा सा टेंट लगाकर और कुछ बेंच रखकर अस्थायी व्यवस्था की गई है। यात्रियों का साफ कहना है कि यह व्यवस्था महज एक औपचारिकता बनकर रह गई है। पिड़ावा बस स्टैंड पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही रहती है, जबकि इस छोटे से टेंट के नीचे सीमित लोग ही बैठ पाते हैं। बाकी बचे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को खुले आसमान के नीचे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है।

बरसात के मौसम में बढ़ीं मुश्किलें:

इन दिनों क्षेत्र में बरसात का मौसम होने से यात्रियों की परेशानी दोगुनी हो गई है। तेज बारिश शुरू होते ही टेंट के बाहर खड़े लोगों को बुरी तरह भीगना पड़ता है। वहीं, तेज हवा चलने पर टेंट के नीचे बैठे यात्रियों को भी बौछारों से राहत नहीं मिल पाती। बुजुर्गों, महिलाओं, छोटे बच्चों और दिव्यांग यात्रियों को इस कुप्रबंधन के कारण सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

रक्षाबंधन पर मचेगी भारी आफत:

आगामी दिनों में भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का पावन पर्व आने वाला है। इस दौरान बड़ी संख्या में बहन-बेटियां अपने मायके और ससुराल जाने के लिए बसों से यात्रा करती हैं। इसके अलावा छात्र, नौकरीपेशा लोग और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले यात्री भी बस स्टैंड पर भारी तादाद में पहुँचते हैं। ऐसे में यदि त्योहार से पहले पर्याप्त और पुख्ता यात्री प्रतीक्षालय की व्यवस्था नहीं की गई, तो लोगों को भारी असुविधा और अव्यवस्था झेलनी पड़ सकती है।
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पिड़ावा टाइम्स विशेष: उपखंड का प्रमुख बस स्टैंड, फिर भी सौतेला व्यवहार क्यों?
  • मध्य प्रदेश और राजस्थान का मुख्य जोड़: स्थानीय लोगों का कहना है कि पिड़ावा बस स्टैंड पूरे उपखंड का प्रमुख केंद्र है। यहाँ से राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई बड़े शहरों के लिए प्रतिदिन दर्जनों बसों का संचालन होता है। इसके बावजूद यात्रियों के बैठने, बारिश और धूप से बचाव जैसी बुनियादी सुविधाओं का यहाँ घोर अभाव बना हुआ है।
  • अस्थायी टेंट से नहीं चलेगा काम: चंद बेंच और एक टेंट से इतनी बड़ी संख्या में आने वाले यात्रियों की जरूरतें पूरी नहीं हो सकतीं। नगर पालिका को यह समझना होगा कि मानसून और त्योहारों के सीजन में यह दिखावा जनता के किसी काम का नहीं है।
  • हमारा सीधा सवाल: नगरवासियों और यात्रियों ने नगर पालिका प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जर्जर हो चुके पुराने भवन को हटाकर वहाँ शीघ्र ही एक नया, आधुनिक एवं सुविधायुक्त स्थायी यात्री प्रतीक्षालय बनाया जाए। साथ ही जब तक नया भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक वर्तमान अस्थायी व्यवस्था का विस्तार कर पर्याप्त वॉटरप्रूफ टेंट, अतिरिक्त बैठने की कुर्सियां, ठंडे पेयजल एवं प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।

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