झालावाड़ कलेक्टर का ‘एक्शन मोड’: दीवलखेड़ा, सेमलीखाम और पिड़ावा सेवा शिविरों का औचक निरीक्षण; अधिकारियों को दी दो टूक चेतावनी— “आखिरी छोर के व्यक्ति को भी मिले सरकारी लाभ
दीवलखेड़ा, सेमलीखाम और पिड़ावा सेवा शिविरों का औचक निरीक्षण
पिड़ावा। राज्य सरकार की मंशानुरूप आमजन को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों का सोमवार को जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने सघन निरीक्षण किया। जिला कलेक्टर ने उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत दीवलखेड़ा एवं सेमलीखाम में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों तथा नगर पालिका पिड़ावा में आयोजित शहरी सेवा शिविर का धरातल पर अवलोकन कर विभागवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण से शिविरों में तैनात अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह मुस्तैद नजर आए।
समस्याओं का संवेदनशीलता से हो त्वरित समाधान:
निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुँचे और ये सेवा शिविर इस पावन उद्देश्य को साकार करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
एक ही छत के नीचे मिल रहीं सेवाएं, चक्कर काटने से मिली मुक्ति:
जिला कलेक्टर ने शिविरों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने का सशक्त मंच हैं। इन शिविरों के माध्यम से स्थानीय लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, बल्कि विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने आमजन से भी अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों में पहुँचकर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की भावुक अपील की।
आमजन से सीधा संवाद, मौकों पर बांटे पट्टे और स्वीकृतियां:
निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने दीवलखेड़ा, सेमलीखाम और पिड़ावा में उपस्थित ग्रामीणों एवं शहरी नागरिकों से सीधे तौर पर संवाद कर उनकी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याएं सुनीं तथा मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने की समय-सीमा तय कर दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की किसी भी जनकल्याणकारी योजना से वंचित न रहे।
कलेक्टर की मौजूदगी में शिविरों के दौरान पात्र लाभार्थियों को आवासीय पट्टों का वितरण किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृति पत्र तथा मंगला पशु बीमा योजना की पॉलिसियां प्रदान की गईं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना एवं प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के चयनित लाभार्थियों को भी उनके बैंक खातों में किस्त राशि का डिजिटल भुगतान सुनिश्चित किया गया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए विशेष प्रयास किए जाएं, ताकि ग्रामीण अंचलों का हर व्यक्ति जागरूक हो सके। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी (SDM) पिड़ावा दिनेश कुमार मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पिड़ावा टाइम्स विशेष: कलेक्टर की मुस्तैदी से सुधरी व्यवस्था, अब जनता को मिल रही राहत!
कलेक्टर का ऑन-स्पॉट एक्शन: ‘पिड़ावा टाइम्स’ हमेशा से जनता की आवाज उठाता रहा है। कुछ दिनों पहले शिविरों में जो शुरुआती कमियां या ढिलाई देखी गई थी, जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के इस कड़े और औचक निरीक्षण के बाद व्यवस्थाओं में भारी सुधार देखने को मिला है। पट्टों का वितरण और किस्तों का भुगतान मौके पर होना प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
अधिकारियों को रहना होगा अलर्ट: उपखंड अधिकारी दिनेश कुमार मीणा और उनकी टीम को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि कलेक्टर के जाने के बाद भी शिविरों की यह गति और मुस्तैदी 15 जुलाई तक इसी तरह बरकरार रहे, ताकि पिड़ावा नगर पालिका सहित दीवलखेड़ा और सेमलीखाम का कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति खाली हाथ न लौटे।