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ऐतिहासिक पल: 60 साल बाद तोपखाना स्कूल को मिला अपना ‘वजूद’, प्रशासन ने जारी किया मालिकाना पट्टा

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ऐतिहासिक पल
60 साल बाद तोपखाना स्कूल को मिला अपना 'वजूद', प्रशासन ने जारी किया मालिकाना पट्टा
झालावाड़ | जिले में सुशासन की दिशा में चलाए जा रहे “अतिक्रमण मुक्त – स्वामित्व युक्त झालावाड़” अभियान को आज एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता मिली है। शहर के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, तोपखाना को स्थापना के लगभग 6 दशक (60 वर्ष) बाद अपनी भूमि का विधिवत पट्टा प्राप्त हुआ है।

छह दशक का इंतज़ार हुआ खत्म

​यह विद्यालय पिछले 60 वर्षों से संचालित तो था, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में भूमि का स्वामित्व स्पष्ट न होने के कारण यह तकनीकी उलझनों में फंसा हुआ था। विधिक पट्टा न होने के कारण विद्यालय के भवन विस्तार और अन्य सरकारी योजनाओं की स्वीकृतियों में बाधा आती थी। अब पट्टा मिलने से विद्यालय की भूमि पूरी तरह विधिक संरक्षण में आ गई है।

अतिक्रमण पर लगेगी लगाम

​विद्यालय की प्रिंसिपल पूनम रौतेला ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए बताया कि पट्टा मिलने से अब विद्यालय की भूमि पर अतिक्रमण की संभावनाएँ खत्म हो गई हैं। राजस्व विभाग द्वारा खसरा नंबर, जमाबंदी और सीमांकन के विस्तृत परीक्षण के बाद अब शिक्षा विभाग के नाम नामांतरण (Mutation) दर्ज कर दिया गया है।

कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ की मुहिम रंग लाई

​जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ की विशेष पहल इस सफलता में निर्णायक रही। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले का कोई भी राजकीय भवन भूमि अभिलेख के अभाव में नहीं रहना चाहिए।

“हमारा लक्ष्य जिले की हर सरकारी संपत्ति को विधिक सुरक्षा प्रदान करना है ताकि भविष्य में विकास कार्यों में कोई बाधा न आए।”जिला प्रशासन

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