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रायपुर में रंगोत्सव की धूम: ढोल की थाप पर थिरके युवा, मंदिरों में खेली गई फूलों और गुलाल की होली

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रायपुर में रंगोत्सव की धूम: ढोल की थाप पर थिरके युवा
रायपुर में रंगोत्सव की धूम: ढोल की थाप पर थिरके युवा
रायपुर। (नाथू लाल टेलर)  कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में रंगों का त्यौहार धुलेंडी और रंगोत्सव पारंपरिक श्रद्धा और अपार उत्साह के साथ मनाया गया। शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए इस उत्सव में कस्बेवासियों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द की मिसाल पेश की।

दो दिन तक चला रंगों का उल्लास

​इस वर्ष तिथि और परंपराओं के अनुसार कस्बे में कई स्थानों पर मंगलवार को, तो कई स्थानों पर बुधवार को रंगोत्सव मनाया गया। धुलेंडी के दिन सुबह से ही युवाओं और बच्चों की टोलियां टोलियों के रूप में घरों से बाहर निकल पड़ीं। “होली है” के उद्घोष के साथ एक-दूसरे को गुलाल और अबीर लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दी गईं। चारों ओर रंगों की बौछार और आनंद का माहौल बना रहा।

सांस्कृतिक रंग: चंग और फाग के गीतों की गूँज

​उत्सव के दौरान कस्बे के विभिन्न चौराहों पर लोग चंग और ढोल की थाप पर फागुन के गीतों पर थिरकते नजर आए। पारंपरिक फाग उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। मंदिरों में भी विशेष आयोजन हुए, जहाँ भगवान के साथ फूल और गुलाल की होली खेली गई।

होलिका दहन और माता पूजन की परंपरा

  • होलिका दहन: सोमवार रात को कस्बे में विधि-विधान से होलिका दहन किया गया। शुभ मुहूर्त देर रात का होने के कारण दहन की प्रक्रिया मध्य रात्रि के बाद संपन्न हुई।
  • महिला पूजन: धुलेंडी की सुबह महिलाओं ने होलिका माता का श्रद्धापूर्वक पूजन किया।
  • शीतला माता मंदिर: महिलाओं ने शीतला माता मंदिर पहुँचकर पारंपरिक रस्में निभाईं और परिवार में सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की।
​प्रशासन की सतर्कता के चलते संपूर्ण आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ और कस्बे के लोगों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर पर्व की बधाई दी।

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