पिड़ावा। झालावाड़ जिले में अवैध रूप से पर्यावरण और वन संपदा को नुकसान पहुँचाने वाले ग्रीन-माफियाओं के खिलाफ वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। झालावाड़ उपवन संरक्षक (DCF) सागर पंवार के कड़े तेवरों और कुशल नेतृत्व में वन विभाग, पुलिस और विद्युत विभाग की एक संयुक्त महा-टीम ने रायपुर-नंदपुर क्षेत्र में सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए लंबे समय से अवैध रूप से संचालित हो रहीं 12 अवैध आरा मशीनों (Saw Mills) को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। इस अचानक और ताबड़तोड़ हुई बड़ी कार्रवाई से पूरे जिले के अवैध लकड़ी तस्करों और वन माफियाओं में हड़कंप और भगदड़ मच गई है।

भारी पुलिस अमले के बीच गरजे बुलडोजर, काटे गए कनेक्शन:
वन विभाग को लंबे समय से गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं कि नंदपुर और रायपुर के सूनसान इलाकों में अवैध रूप से आरा मशीनें लगाकर बेशकीमती पेड़ों की कटाई और लकड़ी की तस्करी का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। आज जैसे ही संयुक्त टीम ने मौके पर धावा बोला, तो वहां हड़कंप मच गया और भारी भीड़ जमा हो गई। लेकिन प्रशासनिक मुस्तैदी के आगे माफियाओं की एक न चली:
-
जेसीबी से किया जमींदोज़: वन विभाग ने बिना कोई मौका दिए मौके पर बुलडोजर और जेसीबी मशीनें बुलाईं और सभी 12 अवैध आरा मशीनों को जड़ से उखाड़कर मौके पर ही पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
-
बिजली कनेक्शन कटे: कार्रवाई के दौरान सबसे बड़ा प्रहार विद्युत विभाग की टीम ने किया, जिसने इन अवैध फैक्ट्रियों को दी जा रही भारी-भरकम बिजली की लाइनों और अवैध कनेक्शनों को मौके पर ही कटर से काट दिया।
-
करोड़ों का माल जब्त: वन विभाग की टीम ने मौके पर अवैध रूप से कटी पड़ी भारी मात्रा में बेशकीमती लकड़ियों, लट्ठों और मशीनी उपकरणों को अपने कब्जे में लेकर सरकारी खजाने में जब्त कर लिया है।
5 रेंजों के स्टाफ ने घेरा इलाका, यूं रचा गया चक्रव्यूह:
इस विशालकाय और संवेदनशील कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए वन विभाग ने एक अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया था, जिसमें 5 प्रमुख रेंजों के स्टाफ और विशेष गश्ती दल को शामिल किया गया। कार्रवाई दल में मुख्य रूप से पिड़ावा रेंज, डग, झालावाड़, असनावर, बकानी और झालावाड़ का विशेष फ्लाइंग स्क्वाड शामिल रहा।

इस पूरे ऑपरेशन को धरातल पर उतारने में क्षेत्रीय वन अधिकारी विजय सिंह, नरेंद्र चौधरी, और विक्रम सिंह जालंधर ने मुख्य कमान संभाली। वहीं उनकी अधीनस्थ टीम में सहायक वनपाल रामेश्वर प्रसाद शर्मा, सुरेंद्र सिंह झाला, राजेंद्र मीणा, कैलाशचंद सैन सहित वनरक्षक लालसिंह, हंसराज मीणा, मोहित शर्मा, सुभाष कुमार, पेपाराम, भागीरथ सिंह, योगेन्द्र सिंह, विक्रम चौधरी और जांबाज महिला वनरक्षक पूजा जोधा, पूजा चौधरी, सुनीता व मोनिका खेदड़ आदि ने बेहद सक्रिय और साहसी भूमिका निभाते हुए भीड़ को खदेड़कर कार्रवाई पूरी कराई।
यह भी पढ़े:-पिड़ावा नगर पालिका शिविर का पहले ही दिन फुस्स पटाखा: दावों में थे दर्जनों विभाग, मौके पर खाली कुर्सियां दे रही थीं विफलता की गवाही; ‘पिड़ावा टाइम्स’ के रियलिटी चेक में खुली लापरवाही की पोल
10 दिनों में 35 वाहनों पर गाज, टूट गया माफियाओं का मनोबल:
उल्लेखनीय है कि झालावाड़ वन विभाग पिछले कुछ समय से अवैध वानिकी गतिविधियों के खिलाफ बेहद आक्रामक और रौद्र रूप अपनाए हुए है। पिछले महज 10 दिनों के भीतर विभाग ने नाकेबंदी कर करीब 30 से 35 अवैध लकड़ी परिवहन करने वाले वाहनों को जब्त कर बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। आज की यह बुलडोजर कार्रवाई उसी निरंतर जारी महा-अभियान का एक हिस्सा है।
Pirawa Times विशेष: सागर पंवार के सिंघम अवतार से कांपा माफिया!
-
DCF सागर पंवार की दो टूक: उपवन संरक्षक (DCF) सागर पंवार ने ‘पिड़ावा टाइम्स’ से विशेष बातचीत में साफ शब्दों में चेतावनी दी है— “हमारा मूल मकसद वन संपदा को नुकसान पहुँचाने वाले और पर्यावरण से खिलवाड़ करने वाले अवैध सरगनाओं का मनोबल पूरी तरह से तोड़ना है। झालावाड़ वन क्षेत्र में हर प्रकार की गैर-वानिकी (अवैध) गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाने के लिए त्वरित और सख्त कार्रवाई का यह सिलसिला आगे भी इसी तरह लगातार जारी रहेगा।”
-
अवैध आरा मशीनों को शह देने वाले भी आएं रडार पर: पिड़ावा टाइम्स का यह तीखा सवाल है कि आखिर ये 12 अवैध फैक्ट्रियां और आरा मशीनें इतने लंबे समय से किसकी शह पर चल रही थीं? इन फैक्ट्रियों को कमर्शियल बिजली के कनेक्शन किसने और कैसे दे दिए? वन विभाग की इस शानदार कार्रवाई के बाद अब विद्युत विभाग के उन भ्रष्ट बाबुओं पर भी गाज गिरनी चाहिए जिन्होंने इन्हें पिछले दरवाजे से बिजली की रोशनी सप्लाई की थी।






