28 स्टाम्प पेपर और बही-खाता बरामद, मुकदमा दर्ज
पिड़ावा। झालावाड़ जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में अवैध साहूकारी और ब्याज माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पिड़ावा थाना पुलिस को एक और बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस टीम ने क्षेत्र में अवैध रूप से बिना लाइसेंस भारी-भरकम ब्याज पर रकम देकर गरीबों और सीधे-साधे लोगों को अपने आर्थिक चंगुल में फंसाने वाले आरोपी ओंकार सिंह के गोविंदपुरा स्थित मकान पर दबिश देकर छापेमार कार्रवाई की है। पुलिस ने मौके से संदिग्ध दस्तावेज, 28 स्टाम्प पेपर और अवैध लेनदेन के बही-खाते जब्त किए हैं।
मुखबिर की सटीक सूचना पर अलमारियों से मिले दस्तावेज:
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचन्द मीणा के निर्देशन व वृत्ताधिकारी पिड़ावा पूजा नागर के निकटतम सुपरविजन में थानाधिकारी रामपाल के नेतृत्व में पिड़ावा पुलिस टीम का गठन किया गया था। पुलिस को गुप्त मुखबिर से सूचना मिली थी कि गोविंदपुरा निवासी ओंकार सिंह बिना किसी वैध लाइसेंस के अवैध रूप से साहूकारी का धंधा चला रहा है और लोगों को भारी ब्याज दर पर पैसे देकर उनकी जमीनों व संपत्तियों पर कब्जा करने की नीयत से कागजातों पर दस्तखत करवा रहा है।
सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने गोविंदपुरा में आरोपी ओंकार सिंह के मकान की नियमानुसार तलाशी ली। तलाशी के दौरान घर की अलमारियों और कमरों से कई चौंकाने वाले दस्तावेज बरामद हुए:
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28 खाली व हस्ताक्षरित स्टाम्प पेपर: जांच के दौरान विभिन्न लोगों के नाम के 28 स्टाम्प पेपर मिले, जिन पर लोगों को भारी ब्याज पर पैसे देने और समय पर रकम न चुका पाने की स्थिति में उनकी कीमती जमीनों व जायदाद पर कब्जा करने की सख्त व मनमानी शर्तें लिखी हुई पाई गईं।
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अवैध लेनदेन के बही-खाते: मौके से कई बही-खाता कापियां मिलीं, जिनमें अवैध रूप से दिए गए ब्याज के पैसों के लेनदेन का पूरा हिसाब-किताब दर्ज था और कई गवाहों के हस्ताक्षर भी पाए गए।
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नकद राशि जब्त: मौके पर मिले कुल 9,40,000 (नौ लाख चालीस हजार रुपये) नकद को जांच पूर्ण होने तक आरोपी की सुपुर्दगी में सुरक्षित रखने की हिदायत दी गई।
अपराध का खतरनाक तरीका: सीधा-साधा जाल और मानसिक शोषण:
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ओंकार सिंह (उम्र 58 वर्ष) पुत्र अमरसिंह, निवासी गोविंदपुरा के पास ब्याज पर लेनदेन करने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। वह बिना लाइसेंस के ग्रामीण और सीधे-साधे गरीब लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें भारी-भरकम ब्याज पर पैसे उधार देता था। बतौर गारंटी वह उनसे स्टाम्प पेपरों पर हस्ताक्षर करवाकर उनकी जमीनें व जायदाद गिरवी रख लेता था। समय पर रकम या ब्याज न चुका पाने की स्थिति में आरोपी छल-कपट, डरा-धमकाकर धोखाधड़ी करता था और उनका आर्थिक व मानसिक शोषण करता था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना पिड़ावा में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है।
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कार्रवाई करने वाली पिड़ावा पुलिस टीम:
अवैध साहूकारी के इस पूरे काले कारोबार का पर्दाफाश करने में थानाधिकारी रामपाल (पु.नि.), स.उ.नि. मनोहरलाल, स.उ.नि. रविंद्रसिंह, हेड कांस्टेबल सुखदेव (1103), कांस्टेबल राहुल (1541), आसूचना अधिकारी कांस्टेबल हेमराज (1356), महिला कांस्टेबल नीमादी (880) और चालक कांस्टेबल अरविंद (36) की मुख्य भूमिका रही।
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पिड़ावा पुलिस की सतर्कता: थानाधिकारी रामपाल और उनकी टीम ने जिस तरह से गरीब जनता को जाल में फंसाने वाले इस अवैध साहूकार के ठिकाने पर रेड मारी, वह काबिले-तारीफ है। स्टाम्प पेपरों को जब्त कर पुलिस ने कई परिवारों को बेघर और बेजमीन होने से बचा लिया है।
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ब्याज माफियाओं की जड़ें गहरी: ग्रामीण अंचलों में आज भी बैंकों की जटिल प्रक्रिया से घबराकर भोले-भाले किसान और मजदूर ऐसे अवैध साहूकारों के चंगुल में फंस जाते हैं, जो थोड़े से रुपयों के बदले उनसे कोरे कागजों पर साइन करवाकर उनकी पुश्तैनी जमीनें हड़प लेते हैं।
हमारा सीधा संदेश
पिड़ावा पुलिस की यह कार्रवाई क्षेत्र के अन्य सभी अवैध ब्याज माफियाओं के लिए सीधी चेतावनी है। अगर कोई भी व्यक्ति आपसे बिना लाइसेंस भारी ब्याज वसूलता है या स्टाम्प पेपर पर जबरन साइन करवाता है, तो तुरंत पिड़ावा पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराएं।






