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पिड़ावा में तेज हवा-बारिश से 33KV लाइन ध्वस्त, 3 घंटे से अंधेरे में डूबा शहर; कोटड़ी रोड पर धराशायी हुआ बिजली का पोल!

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कोटड़ी रोड पर धराशायी हुआ बिजली का पोल
कोटड़ी रोड पर धराशायी हुआ बिजली का पोल
पिड़ावा। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में मंगलवार शाम को मौसम के मिजाज में आए अचानक बदलाव ने शहर की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है। पिछले लगभग तीन घंटे से पूरा शहर अंधेरे के आगोश में डूबा हुआ है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। शाम को तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने विद्युत विभाग के दावों की हवा निकाल दी है। जानकारी के अनुसार, शाम लगभग 6:00 से 6:30 बजे के बीच एकाएक मौसम बदला और आंधी-तूफान के साथ बारिश का दौर शुरू हुआ। जैसे ही पहली आंधी चली, वैसे ही शहर की बिजली गुल हो गई, जो समाचार लिखे जाने तक सुचारू नहीं हो सकी थी।

33KV मेन लाइन में बड़ा फाल्ट:
बिजली गुल होने के संबंध में जब पिड़ावा टाइम्स ने विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता (JEN) गोपाल राणावत से जानकारी ली, तो उन्होंने बताया कि यह कोई सामान्य ट्रिपिंग नहीं है। तेज हवाओं के कारण डोला के पास 33KV हाईटेंशन लाइन में बड़ा तकनीकी फाल्ट आ गया है। इस फाल्ट के कारण समूचे शहर की बिजली बाधित हो गई है। डोला क्षेत्र में 33KV लाइन काफी लंबी दूरी तय करती है, ऐसे में फाल्ट की पहचान करना विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
अंधेरे में फाल्ट ढूंढ रही है विभाग की टीम:
राणावत ने बताया कि सूचना मिलते ही विभाग की तकनीकी टीम को फाल्ट की पहचान के लिए ‘पेट्रोलिंग’ (निरीक्षण) पर भेज दिया गया है। टीम अंधेरे और खराब मौसम के बावजूद ढोल से लेकर पिड़ावा तक लाइन का बारीकी से निरीक्षण कर रही है। राणावत ने स्पष्ट किया कि जब तक टीम फाल्ट को ढूंढकर उसे ठीक नहीं कर लेती, तब तक शहर में बिजली की बहाली संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग का पूरा प्रयास है कि जल्द से जल्द फाल्ट दुरुस्त कर लाइट सुचारू की जा सके, लेकिन इसमें कुछ और समय लग सकता है।
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कोटड़ी रोड पर बिजली का पोल धराशायी:
कुदरत का कहर केवल मेन लाइन तक ही सीमित नहीं रहा। शहर के कोटड़ी रोड पर भी तेज हवाओं का तांडव देखने को मिला। यहाँ हवा के वेग को एक बिजली का पोल सहन नहीं कर पाया और बीच सड़क पर धराशायी हो गया। यह सौभाग्य की बात रही कि पोल गिरने के समय कोई राहगीर या वाहन वहां से नहीं गुजर रहा था, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था। विभाग को अब डोला की मेन लाइन के साथ-साथ कोटड़ी रोड पर नया पोल लगाने और टूटे तारों को जोड़ने का अतिरिक्त कार्य भी करना होगा।
Pirawa Times विशेष: मौसम की मार और व्यवस्था की परीक्षा
  • प्री-मानसून की तैयारी पर सवाल: क्या हर बार की तरह इस बार भी विभाग ने प्री-मानसून मेंटेनेंस केवल कागजों पर ही किया? पहली ही तेज हवा ने 33KV लाइन को धराशायी कर दिया, जो विभाग की तैयारियों की पोल खोलता है।
  • अंधेरे में सुरक्षा: 3 घंटे से अंधेरे में डूबा शहर चोरों और असामाजिक तत्वों के लिए खुली चुनौती है। पुलिस प्रशासन को भी इस दौरान गश्त बढ़ानी चाहिए।
  • इमरजेंसी रिस्पांस: क्या विभाग के पास ऐसी स्थिति से निपटने के लिए आधुनिक उपकरण (जैसे फाल्ट लोकेटर) नहीं हैं? कब तक विभाग की टीम अंधेरे में टॉर्च जलाकर फाल्ट ढूंढती रहेगी? कोटड़ी रोड पर पोल गिरने की घटना भी विभाग की पोल की गुणवत्ता पर सवाल उठाती है।

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