रायपुर। झालावाड़ जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के सख्त निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. साजिद खान द्वारा गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) रायपुर का औचक निरीक्षण किया गया। दरअसल, लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि अस्पताल के कुछ चिकित्सक और लैब स्टाफ मिलकर मरीजों को सरकारी सुविधा का लाभ देने के बजाय कमिशनखोरी के चक्कर में बाहर की निजी (प्राइवेट) लैबों पर जांच करवाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए सीएमएचओ ने खुद मौके पर पहुंचकर अस्पताल के रिकॉर्ड को खंगाला।
पिछले 6 महीने के रिकॉर्ड की होगी विशेष जांच:
औचक निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने लैब में प्रति माह होने वाली जांचों और बाहर रेफर की गई जांचों के आंकड़ों की बारीकी से ऑडिट की। उन्होंने मौके पर ही सीएमएचओ कार्यालय से एक विशेष टीम का गठन कर पिछले 6 महीनों में जो भी जांचें बाहर प्राइवेट लैबों में रेफर की गई हैं, उनकी गहनता से जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद कमीशनखोर स्टाफ और निजी लैब संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है।
इसके बाद सीएमएचओ ने ड्रगवेयर हाउस और मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के स्टोर का निरीक्षण कर सामान्य और जीवनरक्षक दवाइयों की उपलब्धता जांची, जहां स्टोर प्रभारी चंद्रप्रकाश शर्मा ने आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।
ओपीडी व्यवस्था में बड़ा बदलाव, अब मिलेंगे 3 डॉक्टर:
मरीजों को डॉक्टरों के समय पर न मिलने की परेशानी से निजात दिलाने के लिए ओपीडी व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया गया है। अब रायपुर अस्पताल के डॉक्टरों की ड्यूटी सीधे सीएमएचओ कार्यालय से लगाई जाएगी। नई व्यवस्था के तहत ओपीडी समय में अनिवार्य रूप से 1 डेंटल चिकित्सक, 1 फिजिशियन और 1 एमबीबीएस चिकित्सक हर समय उपलब्ध रहेंगे। वहीं, इवनिंग (शाम) और नाइट (रात्रि) ड्यूटी के लिए अलग से डॉक्टरों को तैनात किया गया है।
अस्पताल की पल-पल की गतिविधि पर नजर रखने के लिए रायपुर चिकित्सालय के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से सीएमएचओ और उनके कार्यालय के स्टाफ को सीधे जोड़ दिया गया है, जिससे अब जिला मुख्यालय से ही इसकी डिजिटल मॉनिटरिंग की जा सके।
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गर्मी को देखते हुए सुविधाओं का विस्तार:
भीषण गर्मी के सितम को देखते हुए सीएमएचओ ने मरीजों और उनके परिजनों की सहूलियत के लिए अस्पताल परिसर के पोर्च में तुरंत टीनशेड लगाने तथा बैठने के लिए अतिरिक्त कुर्सियां लगाने के निर्देश दिए। साथ ही सीएमएचओ कार्यालय की तरफ से तत्काल प्रभाव से अस्पताल परिसर में एक नया वाटर कूलर भी भिजवाया गया। अस्पताल में वर्षों से कंडम स्थिति में रखे पुराने डीजे सेट को नियमानुसार निस्तारण करने की प्रक्रिया शुरू कर नया डीजे सेट लगाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई।
निरीक्षण के दौरान प्रसव कक्ष, प्रसूता वार्ड, जननी सुरक्षा वार्ड, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना काउंटर और मेल-फीमेल जनरल वार्ड को भी देखा गया तथा एक्सपायरी डेट की दवाओं की बारीकी से चेकिंग की गई। ओपीडी में धूल खा रही डेंटल चेयर को तुरंत फिट कराकर दंत चिकित्सा सुविधाएं शुरू करने के कड़े निर्देश दिए गए।
इस पूरे औचक निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ के साथ वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर गिरीश वर्मा, नर्सिंग ऑफिसर अभिषेक गोस्वामी सहित अस्पताल के डॉ. अनमोल राठौर, डॉ. नवीन शर्मा एवं अन्य चिकित्साकर्मी उपस्थित रहे।
Pirawa Times विशेष: गरीब के हक पर डाका डालने वालों का इलाज जरूरी!
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प्रशंसा योग्य कदम: कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ और सीएमएचओ डॉ. साजिद खान का यह औचक निरीक्षण रायपुर क्षेत्र की गरीब जनता के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। सरकारी अस्पताल में आकर भी अगर गरीब को प्राइवेट लैबों में पैसे फूंकने पड़ें, तो यह शर्मनाक है।
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व्हाट्सएप से मॉनिटरिंग: अस्पताल के ग्रुप से सीधे जिला अधिकारियों का जुड़ना एक बेहतरीन प्रशासनिक प्रयोग है। इससे डॉक्टरों और स्टाफ की लेती-लतीफी और अनुपस्थिति पर सीधी लगाम लगेगी।
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ऑडिट में चेहरे होंगे बेनकाब: पिछले 6 महीने की जांचों की जो ऑडिट टीम करेगी, उसमें उन डॉक्टरों और लैब प्रभारियों के नाम साफ सामने आ जाएंगे जो निजी लैबों से कमिशन खा रहे थे। प्रशासन को ऐसे भ्रष्ट कार्मिकों को तुरंत सस्पेंड करना चाहिए।
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उम्मीद की किरण: 3 डॉक्टरों की ओपीडी में नियमित उपलब्धता और वाटर कूलर जैसी बुनियादी सुविधाएं अगर ईमानदारी से धरातल पर रहीं, तो रायपुर CHC की तस्वीर वाकई बदल जाएगी।

महावीर मार्ग (पट्टी बाज़ार ) पिड़ावा







Sonography ki mashine toh hai per hospital main karta koi nhi hai
रायपुर हॉस्पिटल मैं पिछले कुछ वर्षों से सोनोग्राफी की जांच नहीं हो रही है और कोई भी पेशेंट को जांच के लिए झालावाड़ जाना पड़ता है जिसमें पेशेंट को परेशानी के अलावा कुछ नहीं मिलता है डिलीवरी के पेशेंट को sabse ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है इसको भी तो देखते